लखनऊ। लखनऊ स्थित निदेशक समीक्षा कक्ष, प्रथम तल में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही की अध्यक्षता में ग्राम पंचायत स्तरीय गोष्ठी/किसान पाठशाला की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक का मुख्य उद्देश्य मा० मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 12 दिसंबर, 2025 को जनपद बाराबंकी के ग्राम-दौलतपुर में पद्मश्री कृषक श्री रामशरण वर्मा के प्रक्षेत्र से शुभारम्भ किए गए कार्यक्रम की सफलता एवं प्रदेश भर में इसके प्रभावी क्रियान्वयन की रणनीति तैयार करना था।
कृषि मंत्री श्री शाही ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा उद्घाटन किए जाने के कारण यह कार्यक्रम और अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष यह कार्यक्रम प्रदेश की 21,000 ग्राम पंचायतों में आयोजित किया जाएगा और इसके सफल आयोजन एवं क्रियान्वयन के लिए समस्त जनपदीय और मंडलीय कार्यालयों को निर्देशित किया गया है।
मंत्री ने जनपदीय उप कृषि निदेशक एवं मंडलीय संयुक्त कृषि निदेशकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए कि कार्यक्रम का आयोजन पैक्स सोसायटी, किसान कल्याण केंद्र, कृषि विज्ञान केंद्र, ग्राम पंचायत सचिवालय, प्राथमिक विद्यालय एवं प्रगतिशील/पुरस्कृत कृषकों के खेत में किया जाए।
बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों को व्यक्तिगत रूप से पत्र भेजकर भागीदारी हेतु आमंत्रित किया जाए। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्रों, कृषि महाविद्यालयों और शोध संस्थानों के वैज्ञानिकों को भी गोष्ठियों में सम्मिलित किया जाए, ताकि कृषकों को नवीन अनुसंधानों और कृषि तकनीकों से अवगत कराया जा सके।
बैठक में बुवाई के बाद फसल सुरक्षा, फसल अवशेष प्रबंधन, विभागीय योजनाओं और जायद की फसल रणनीति सहित अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की जाने की योजना बनाई गई।
कृषि निदेशक, उत्तर प्रदेश ने कहा कि यह कार्यक्रम 12 से 29 दिसंबर, 2025 के मध्य आयोजित किया जाएगा, अतः कार्यक्रम की संख्या के बजाय गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। साथ ही, जनप्रतिनिधियों से व्यक्तिगत संपर्क कर उन्हें कार्यक्रम में भाग लेने के लिए प्रेरित किया जाए।
बैठक में प्रमुख सचिव कृषि श्री रविंद्र, कृषि निदेशक डॉ. पंकज त्रिपाठी, अपर कृषि निदेशक (प्रसार), अपर कृषि निदेशक (तिलहन एवं दलहन, कृषि रक्षा, गेहूं, मोटा अनाज, भूमि संरक्षण, सामान्य), संयुक्त कृषि निदेशक (उर्वरक, ब्यूरो, बाढ़ोन्मुखी) सहित सभी मंडलीय संयुक्त कृषि निदेशक और जनपदीय उप कृषि निदेशक वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।
इस समीक्षा बैठक के माध्यम से प्रदेश में किसान पाठशालाओं के सफल आयोजन और कृषकों को नवीन तकनीकों एवं योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने का संकल्प सुदृढ़ हुआ है।
