लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रदेश की त्रिस्तरीय पंचायतों की निर्वाचक नामावली के वृहद पुनरीक्षण कार्यक्रम के लिए संशोधित समय सारिणी जारी कर दी है।
आयोग के अनुसार अब 20 फरवरी 2026 तक पंचायतों से संबंधित निर्वाचक नामावलियों में प्राप्त सभी दावे और आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। इसके साथ ही हस्तलिखित पाण्डुलिपियां तैयार कर सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के कार्यालय में जमा कराई जाएंगी तथा संभावित डुप्लीकेट मतदाताओं के सत्यापन और निस्तारण की कार्यवाही भी इसी अवधि में पूरी की जाएगी।
राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी संशोधित कार्यक्रम के तहत 21 फरवरी से 16 मार्च 2026 तक दावे और आपत्तियों के निस्तारण के बाद पूरक सूचियों के कम्प्यूटरीकरण की तैयारी की जाएगी। इसी चरण में पूरक सूचियों को मूल निर्वाचक नामावली में यथास्थान समाहित करने और आवश्यकता के अनुसार मतदान केंद्रों तथा मतदान स्थलों के निर्धारण की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी।
आयोग ने बताया कि 17 मार्च से 27 मार्च 2026 तक पंचायतों की मतदाता सूचियों का कम्प्यूटरीकरण कराया जाएगा। इस दौरान मतदान केंद्रों और मतदान स्थलों का क्रमांकन, मतदेय स्थलों के वार्डों की मैपिंग, मतदाता क्रमांकन, एसवीएन आवंटन, मतदाता सूची की डाउनलोडिंग और फोटो प्रतियां तैयार करने का कार्य किया जाएगा। इसके बाद 28 मार्च 2026 को प्रदेश की त्रिस्तरीय पंचायतों की निर्वाचक नामावलियों का जनसामान्य के लिए अंतिम प्रकाशन किया जाएगा।
राज्य निर्वाचन आयुक्त राज प्रताप सिंह ने निर्देश दिए हैं कि सभी जिला मजिस्ट्रेट, जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत एवं नगरीय निकाय), निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में संशोधित पुनरीक्षण कार्यक्रम का प्रमुख स्थानीय समाचार पत्रों में व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित कराएं। साथ ही आम जनता की जानकारी के लिए संबंधित कार्यालयों के सूचना पट्टों पर भी यह कार्यक्रम अनिवार्य रूप से प्रदर्शित किया जाए।
निर्वाचन आयुक्त ने यह भी स्पष्ट किया है कि निर्वाचक नामावली के वृहद पुनरीक्षण के दौरान पड़ने वाले सार्वजनिक अवकाशों में भी संबंधित कार्यालय खुले रहेंगे और निर्धारित समय सारिणी के अनुसार कार्य पूर्ण कराया जाएगा, ताकि पंचायत चुनावों से पहले मतदाता सूची पूरी तरह शुद्ध, अद्यतन और पारदर्शी ढंग से तैयार की जा सके।
