•समरसता प्रदर्शन का नहीं बल्कि आचरण का विषय है- रमेश
बस्ती। परशुरामपुर ब्लाक के गौरा पाण्डेय गांव में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा मकर संक्रांति उत्सव को लेकर बुधवार को सामाजिक समरसता सहभोज कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ गोरक्ष प्रांत के प्रांत प्रचारक रमेश रहे तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री राम वल्लभा कुंज जानकी घाट अयोध्या के राजकुमार दास ने किया।


उपस्थित जन समूह को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता ने कहा कि भारत का इतिहास गवाह है कि सनातन संस्कृति को खत्म करने की तमाम कोशिश हुई। चूंकि उत्सव भारत की परंपरा है और उत्सव जब उत्साह के साथ मनाया जाए तो वह भौगोलिक क्षेत्र कभी नष्ट नहीं हो सकता। बिखरे हुए लोगों को एकजुट करना भारत के पर्व और उत्सवों की परम्परा रही है। जहां भाव है वहीं भारत है, भारत और सनातन अलग नहीं बल्कि एक हैं।
कहा कि समरसता प्रदर्शन का नहीं बल्कि आचरण का विषय है और भारत के स्वभाव, संस्कृति, व्यवहार में ही समरसता है। हम सभी समाज में समानता स्थापित करने का संकल्प लें तभी भारत सहित समूचे विश्व का कल्याण संभव है।
कार्यक्रम के अध्यक्ष ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व ने हिंदुओं को आपस में बांटने का कार्य किया है ऐसे असामाजिक तत्वों से सतर्क रहने की आवश्यकता है। सनातन ही सभी को संगठित करके समृद्धशाली राष्ट्र का निर्माण कर सकती है।
उन्होंने कहा कि समाज में सामाजिक समरसता के लिए इस तरह के आयोजन बहुत आवश्यक हैं।
इस अवसर पर आरएसएस के जिला प्रचारक राघवेन्द्र, सर्वेश, बृजराज शुक्ल, अनन्त पाण्डेय, जगदम्बा, विकास कान्त पाण्डेय, विवेक कान्त पाण्डेय, दीपांशु सिंह, प्रदीप, अरविंद, शक्ति, विनोद शुक्ल, जनार्दन शुक्ल, अरविन्द पाण्डेय, बद्री विशाल पाण्डेय, हरिद्वार मिश्र, देवेन्द्र सिंह, विशाल मिश्र, सतीश, रमेश पाण्डेय, सुभाष पाण्डेय, प्रेरक मिश्र, अनूप त्रिपाठी, अरविंद सिंह, सुमित, बृजेश पासवान, दिनेश पांडेय, विजय बहादुर पाण्डेय, रवीन्द्र पाण्डेय, दिनेश सिंह, राम प्रगट पाण्डेय, अवधेश पाण्डेय, विनय मिश्र, सतीश पाण्डेय, अनिल मिश्रा, कृष्णचंद पाण्डेय, शुभ सागर पाण्डेय आदि उपस्थित रहे।
