•सरस्वती विद्या मंदिर रामबाग, बस्ती में सप्तशक्ति संगम का भव्य आयोजन।
•मातृशक्तियों की गरिमामयी सहभागिता, नारी शक्ति और सांस्कृतिक मूल्यों पर हुआ मंथन।
बस्ती। सरस्वती विद्या मंदिर, रामबाग, बस्ती में सोमवार को सप्तशक्ति संगम कार्यक्रम अत्यंत उत्साह, गरिमा एवं सांस्कृतिक वातावरण में संपन्न हुआ। विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री गोविन्द सिंह जी ने एक विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य मातृशक्ति की भूमिका, नारी सशक्तिकरण एवं सांस्कृतिक चेतना को सुदृढ़ करना रहा।





कार्यक्रम में मुख्य अतिथि महिला महाविद्यालय बस्ती के संस्कृत विभाग की प्रोफेसर डॉ. कमलेश पाण्डेय जी, कार्यक्रम अध्यक्ष श्रीमती लता सिंह जी, तथा सप्तशक्ति जिला संयोजिका श्रीमती प्रियंका सिंह जी मंचासीन रहीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। अतिथियों का परिचय एवं सम्मान उपरांत कार्यक्रम की प्रस्तावना प्रस्तुत की गई। इसके पश्चात विद्यालय की बहनों द्वारा सप्तशक्ति संगम का समूह गीत प्रस्तुत किया गया, जिसने वातावरण को भावविभोर कर दिया।
मुख्य अतिथि डॉ. कमलेश पाण्डेय जी ने “कुटुंब प्रबोधन के प्रति भारतीय दृष्टिकोण” विषय पर सारगर्भित उद्बोधन देते हुए परिवार व्यवस्था में नारी की भूमिका को रेखांकित किया। इसके पश्चात माताओं के मध्य प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें सभी ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
इसके उपरांत सप्तशक्ति जिला संयोजिका श्रीमती प्रियंका सिंह जी ने “देश की वर्तमान परिस्थितियों में महिलाओं का योगदान” विषय पर विस्तारपूर्वक एवं प्रेरणादायी उद्बोधन दिया। कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न श्रेणियों में मातृ सम्मान किया गया जिसमें विशेष उपलब्धि प्राप्त संतानों की माताएँ, पर्यावरण आधारित जीवनशैली अपनाने वाली माताएँ, निस्वार्थ भाव से समाज व राष्ट्र सेवा करने वाली माताएँ, कर्तव्य निर्वहन में जीवन अर्पण करने वाली संतानों की माताएँ, संयुक्त परिवार सम्मान आदि शामिल हैं। सम्मानित माताओं में ममता देवी, सत्या मिश्रा, मांडवी सिंह, दिव्या पाण्डेय, सीमा गुप्ता एवं संगीता त्रिपाठी जी प्रमुख रहीं।
इसके पश्चात तीन माताओं द्वारा अनुभव कथन प्रस्तुत किया गया, जिसे उपस्थित माताओं ने अत्यंत प्रेरणादायी बताया।
कार्यक्रम की अध्यक्ष श्रीमती लता सिंह जी ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि “नारी को अपनी शक्ति को पहचानना चाहिए और स्वयं पर गर्व करना चाहिए। आज का समय सांस्कृतिक संक्रमण का है, ऐसे में हमें सांस्कृतिक प्रदूषण से समाज एवं राष्ट्र को बचाना होगा।”
कार्यक्रम में विद्यालय की छात्राओं द्वारा देशप्रेम एवं भारतीय संस्कृति पर आधारित सांस्कृतिक नृत्य एवं गीत भी प्रस्तुत किए गए।
अतिथि परिचय श्रीमती मंजुला श्रीवास्तव जी द्वारा दिया गया, कार्यक्रम की प्रस्तावना बालिका विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती प्रियंका सिंह जी ने रखी तथा आभार ज्ञापन श्रीमती लता सिंह जी द्वारा किया गया। अंत में मंजुला श्रीवास्तव जी ने सभी को प्रतिज्ञा दिलाई।
इस अवसर पर श्रीमती निधि मंगलानी, श्रीमती रंजू सिंह, दीपिका मिश्रा, सुधा ओझा, संगीता मिश्रा सहित सैकड़ों माताएँ, बहनें, विद्यालय की आचार्याएँ एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
