•एसडीआरएफ मुख्यालय में मिलेगा आपदा प्रबंधन का व्यावहारिक प्रशिक्षण।
बस्ती। जनपद बस्ती से चयनित 27 आपदा मित्र आज 12 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) मुख्यालय, लखनऊ के लिए रवाना हुए। उक्त जानकारी देते हुए अपर जिलाधिकारी (भू-राजस्व) कीर्ति प्रकाश भारती ने ने बताया कि यह प्रशिक्षण राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) द्वारा संचालित आपदा मित्र योजना के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य समुदाय स्तर पर आपदा प्रतिक्रिया को मजबूत बनाना है।
उन्होने बताया कि आपदा मित्र योजना भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जो आपदाओं के समय समुदाय को पहला प्रतिक्रियाकर्ता (First Responder) बनाने पर केंद्रित है। एनडीएमए द्वारा शुरू की गई इस योजना के तहत पूरे देश में 350 संवेदनशील जिलों में 1 लाख सामुदायिक स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। ये स्वयंसेवक बाढ़, चक्रवात, भूस्खलन, भूकंप जैसी आपदाओं में तत्काल राहत, खोज एवं बचाव, प्राथमिक चिकित्सा, सीपीआर, अग्नि सुरक्षा तथा आपदा पूर्व तैयारी जैसे महत्वपूर्ण कौशलों से लैस होते हैं। योजना का मूल मंत्र है-‘‘आपदा मित्र-आपका मित्र‘‘, जो आपदा के समय समुदाय की तत्काल आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम बनाता है।
उन्होने बताया कि आपदा मित्रों की भूमिका आपदा चरण में अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। आपदा आने पर सरकारी तंत्र पहुंचने से पहले ये स्थानीय स्वयंसेवक ही सबसे पहले सक्रिय होते हैं। वे घायलों को प्राथमिक उपचार प्रदान करते हैं, फंसे हुए लोगों को बचाते हैं, राहत सामग्री वितरित करते हैं तथा आपदा के प्रभाव को कम करने में सहायक सिद्ध होते हैं। पिछले वर्षों में विभिन्न आपदाओं जैसे बाढ़, चक्रवात तथा महामारी के दौरान आपदा मित्रों ने असाधारण सेवा प्रदान की है, जिससे जान-माल के नुकसान को न्यूनतम किया जा सका। यह योजना आत्मनिर्भर भारत की भावना को मजबूत करती है, जहां समुदाय स्वयं आपदा प्रबंधन में भागीदार बनता है। इससे न केवल प्रतिक्रिया समय कम होता है, बल्कि आपदा प्रतिरोधी समाज का निर्माण भी संभव होता है।
प्रस्थान से पूर्व उन्होने आपदा मित्रों को संबोधित किया। उन्होंने उनके उत्साह की सराहना करते हुए बधाई दी और कहा कि ये युवा स्वयंसेवक जनपद के गौरव हैं। उन्होंने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए विदा किया।
आपदा विशेषज्ञ रंजीत रंजन ने इन आपदा मित्रों की सराहना करते हुए कहा ‘‘आपदा मित्र योजना आपदा प्रबंधन में एक क्रांतिकारी कदम है। ये प्रशिक्षित स्वयंसेवक आपदा के समय पहला बचाव दल बनकर उभरते हैं। बस्ती से चयनित ये 27 आपदा मित्र न केवल अपने समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा स्रोत बनेंगे। उनकी प्रतिबद्धता से हम एक मजबूत, तैयार और आपदा-प्रतिरोधी समाज का निर्माण कर सकते हैं। मैं इनके प्रयासों की हार्दिक प्रशंसा करता हूं और आशा करता हूं कि वे इस प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान को समाज में फैलाकर अधिक से अधिक लोगों को सशक्त बनाएंगे।
