केके मिश्रा संवाददाता।
संत कबीर नगर। सेमरियावां विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत दसावां में सोशल ऑडिट टीम द्वारा दो दिवसीय स्थलीय एवं भौतिक सत्यापन के उपरांत खुली बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता सोशल ऑडिट टीम के ब्लॉक कोऑर्डिनेटर अश्वनी पांडे ने की।
सोशल ऑडिट के दौरान टीम ने ग्राम पंचायत में कराए गए विभिन्न विकास कार्यों की बिंदुवार जानकारी ग्रामीणों के समक्ष प्रस्तुत की।


टीम ने बताया कि ग्राम पंचायत में कई परियोजनाओं पर कार्य कराए गए हैं, लेकिन किसी भी कार्यस्थल पर सीआईबी (CIB) बोर्ड नहीं पाया गया। इसके साथ ही यह भी सामने आया कि ग्राम पंचायत दशावां मनरेगा के तहत 100 दिन का रोजगार उपलब्ध कराने में असफल रही है।
खुली बैठक के दौरान ग्राम प्रधान द्वारा विकास कार्यों से संबंधित कोई भी अभिलेख प्रस्तुत नहीं किया गया। ब्लॉक कोऑर्डिनेटर अश्वनी पांडे ने बताया कि अभिलेखों के अभाव में जिला स्तर से प्राप्त एमआईएस रिपोर्ट के आधार पर स्थल निरीक्षण करते हुए बैठक कराई गई।
बैठक में यह भी पाया गया कि ग्राम पंचायत अधिकारी, तकनीकी सहायक तथा टीए/सेक्रेटरी मौके पर उपस्थित नहीं थे। सोशल ऑडिट टीम ने बताया कि ग्राम पंचायत में कुल 12 परियोजनाओं पर कार्य कराए गए हैं, जो सभी कच्चे कार्य हैं। इन सभी कार्यों में सीआईबी बोर्ड का अभाव पाया गया।
मनरेगा मजदूरों ने खुली बैठक में शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि शासन द्वारा निर्धारित मजदूरी कम है तथा भुगतान समय से नहीं हो पाता। मजदूरों ने मजदूरी बढ़ाने एवं समयबद्ध भुगतान की मांग की।
ग्राम पंचायत में कुल 625 मनरेगा मजदूर पंजीकृत हैं, जिनमें से 259 मजदूर सक्रिय पाए गए, लेकिन कई मजदूरों ने जॉब कार्ड न होने की शिकायत की। मजदूरों का कहना था कि प्रधान कार्य तो करवा लेते हैं, परंतु जॉब कार्ड उनके पास उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।
ग्रामीणों ने इन समस्याओं को शासन तक पहुंचाने के लिए सोशल ऑडिट टीम से आग्रह किया। बैठक में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अनुपस्थित रहे, जबकि बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित ग्रामीणों ने आम सहमति व्यक्त करते हुए तालियां बजाकर टीम द्वारा नामित अध्यक्ष का स्वागत किया।
