मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले से इंसानियत को झकझोर देने वाली एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां आवारा कुत्तों के आतंक ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन लीं। थाना डिलारी क्षेत्र के काजीपुरा गांव में आवारा कुत्तों का एक झुंड 4 साल की मासूम बच्ची को घर के पास से उठा ले गया और उसे नोंच-नोंचकर मौत के घाट उतार दिया।
इस रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना के बाद से बच्ची के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। मृत बच्ची को आज गमगीन माहौल में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया है।
खेलते वक्त बच्ची को तालाब की तरफ खींच ले गया झुंड
घटना सोमवार शाम की बताई जा रही है। काजीपुरा गांव के रहने वाले नौशाद, जो पेशे से सुनार का काम करते हैं, उनकी 4 वर्षीय सबसे छोटी बेटी नुसरत शाम करीब 6 बजे पड़ोस में रहने वाले रियासत के बच्चों के साथ खेलने के लिए घर से निकली थी। बच्चे घर के पास ही खेल रहे थे कि तभी आवारा कुत्तों के एक झुंड ने उन पर हमला बोल दिया। कुत्तों के हमले से घबराकर साथ खेल रहे अन्य बच्चे तो वहां से भाग निकले, लेकिन छोटी नुसरत भाग नहीं सकी और कुत्तों की पकड़ में आ गई। आदमखोर कुत्तों का झुंड बेबस बच्ची को घसीटते हुए पास ही स्थित एक तालाब की ओर ले गया।
तालाब किनारे का मंजर देख कांप उठी रूह
जब दिन ढलने लगा और अंधेरा छा गया, तब भी नुसरत घर नहीं लौटी। इसी बीच पिता नौशाद भी काम से घर लौट आए थे। बेटी को घर पर न पाकर उन्होंने उसकी तलाश शुरू की। खोजबीन करते हुए जब परिजन और पिता गांव के तालाब के पास पहुंचे, तो वहां का मंजर देखकर उनका दिल कांप उठा और पैरों तले जमीन खिसक गई। वहां करीब आधा दर्जन कुत्ते मासूम नुसरत को घेरकर बुरी तरह नोंच रहे थे और बच्ची खून से लथपथ पड़ी थी। कुत्तों ने मासूम के शरीर को बुरी तरह क्षत-विक्षत कर दिया था।
पोस्टमार्टम से इनकार, नम आंखों से दी विदाई
परिजनों और ग्रामीणों ने तत्काल हिम्मत दिखाते हुए कुत्तों को वहां से भगाया और बेदम हो चुकी नुसरत को उठाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। कुत्तों के हमले में शरीर पर इतने गहरे घाव हो चुके थे कि उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी।
जानकारी के अनुसार, नौशाद के चार बच्चे हैं जिनमें एक बेटा और तीन बेटियां हैं, नुसरत उनमें सबसे छोटी और लाडली थी। इस हादसे से परिवार गहरे सदमे में है। परिजनों ने पुलिस कार्रवाई और शव का पोस्टमार्टम करवाने से इनकार कर दिया, जिसके बाद बच्ची के शव को आज दफना दिया गया। इस घटना ने इलाके में आवारा कुत्तों के बढ़ते खतरे को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
