‘एक परिवार एक पहचान’ से स्वतः मिलेगी वृद्धावस्था पेंशन
•60 वर्ष पूरे होते ही सीधे खाते में पहुँचेगी पेंशन राशि।
लखनऊ। वृद्धजनों को सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन प्रदान करने की दिशा में समाज कल्याण विभाग की वृद्धावस्था पेंशन योजना वर्ष 2025 में और अधिक प्रभावी साबित हुई है। आठ माह के भीतर प्रदेश भर में 9.83 लाख नए पात्र वृद्धजनों को योजना से जोड़ा गया, जिससे कुल पेंशन लाभार्थियों की संख्या 67.50 लाख तक पहुँच गई।
यह जानकारी समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने दी।राज्य मंत्री ने बताया कि डिजिटल मॉनिटरिंग, आधार आधारित सत्यापन और सतत निगरानी के माध्यम से वृद्धावस्था पेंशन योजना को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया गया है।
वर्ष 2024 में कुल 61.00 लाख वृद्धजन पेंशन योजना से लाभान्वित हो रहे थे, जो वर्ष 2025 में उल्लेखनीय वृद्धि के साथ 67.50 लाख हो गए हैं। उन्होंने कहा कि यह वृद्धि सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत समाज के वरिष्ठ नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा का मजबूत संबल प्रदान किया जा रहा है।
योजना की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए विभाग द्वारा नियमित सत्यापन और समीक्षा भी की गई। वर्ष 2024 में 1.77 लाख और वर्ष 2025 में 3.32 लाख मृतक एवं अपात्र लाभार्थियों का नाम पेंशन सूची से हटाया गया, जिससे पेंशन का लाभ केवल वास्तविक और पात्र वृद्धजनों तक ही पहुंचे।
विभाग के उप निदेशक अमरजीत सिंह ने बताया कि वर्ष 2025 में 9.83 लाख नए पात्र वृद्धजनों को योजना से जोड़ा गया, जबकि वर्ष 2024 में यह संख्या 7.08 लाख थी। इसके माध्यम से यह सुनिश्चित किया गया कि कोई भी पात्र वृद्धजन पेंशन लाभ से वंचित न रहे।
नई व्यवस्था के तहत वृद्धावस्था पेंशन के लिए पात्र व्यक्तियों की पहचान और सत्यापन अब ‘एक परिवार एक पहचान’ (Family ID) प्रणाली के माध्यम से स्वतः किया जाएगा। इसके चलते किसी भी पात्र व्यक्ति के 60 वर्ष का होते ही पेंशन राशि सीधे उसके खाते में पहुँचने लगेगी।
इस तरह उत्तर प्रदेश सरकार ने वृद्धजनों को सामाजिक सुरक्षा का सशक्त माध्यम उपलब्ध कराते हुए उनकी जीवन गुणवत्ता में सुधार और सम्मानजनक जीवन जीने के अवसर को सुनिश्चित किया है।
