सुलतानपुर। डीएम कुमार हर्ष एवं ज्वाइंट मजिस्ट्रेट लम्भुआ गामिनी सिंगला द्वारा शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (सीएचसी) लम्भुआ का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति सामने आई, जिसमें कई गंभीर खामियां पाई गईं।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने साफ-सफाई, मरीजों के लिए भोजन एवं पेयजल व्यवस्था, दवाओं की उपलब्धता, उपस्थिति पंजिका, ओपीडी, दवा वितरण कक्ष, इमरजेंसी कक्ष, एनआईसीयू वार्ड, औषधि स्टोर रूम सहित अन्य व्यवस्थाओं का गहन अवलोकन किया। अधीक्षक सहित कई कर्मी अनुपस्थित निरीक्षण के समय सीएचसी अधीक्षक अनुपस्थित पाए गए। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को अधीक्षक के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उपस्थिति पंजिका के अवलोकन में कुल 20 संविदा कर्मियों में से 2 कर्मी अनुपस्थित, 1 मातृत्व अवकाश पर तथा 17 कर्मी उपस्थित पाए गए। अनुपस्थित कर्मियों के विरुद्ध भी कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। बेडशीट, भोजन मेन्यू और सफाई पर फटकार विभिन्न वार्डों के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मरीजों को प्रतिदिन उपलब्ध कराई जाने वाली बेडशीट/बिस्तर के रंग एवं मानक के बारे में जानकारी मांगी, लेकिन संबंधित कर्मी स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। इसी तरह मरीजों को दिए जाने वाले भोजन के मेन्यू की जानकारी भी संतोषजनक नहीं मिली।
सीएचसी परिसर में साफ-सफाई और पेयजल व्यवस्था ठीक न पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई के निर्देश मुख्य चिकित्सा अधिकारी को दिए गए। स्टोर रूम में रजिस्टर नहीं मिला, एनआईसीयू बंद औषधि स्टोर रूम निरीक्षण के दौरान फार्मासिस्ट स्टॉक रजिस्टर मौके पर प्रस्तुत नहीं कर सका, जिस पर उसे कड़ी फटकार लगाई गई।
निरीक्षण में एनआईसीयू वार्ड एवं बेबी फीडिंग कक्ष में ताला लगा पाया गया। ओपीडी में उपस्थित चिकित्सक ने बताया कि निरीक्षण के दिन अब तक 22 मरीजों का उपचार किया गया है।
एक्स-रे व रैन बसेरा निरीक्षण
एक्स-रे कक्ष में प्रतिदिन लगभग 20 एक्स-रे किए जाने की जानकारी दी गई।सीएचसी के सामने बने रैन बसेरे के निरीक्षण में बिस्तर अस्त-व्यस्त पाए गए। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए। जानकारी मिली कि रैन बसेरे में मरीजों के तीमारदारों के साथ वाहन चालक भी विश्राम करते हैं।
मरीजों को न हो असुविधा
निरीक्षण के अंत में जिलाधिकारी ने उपस्थित चिकित्सकों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए कि स्वास्थ्य केन्द्र पर आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। सभी व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित रखने, साफ-सफाई सुनिश्चित करने और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के सख्त निर्देश दिए गए।
