लखनऊ। लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट की उत्तरी जोन की सर्विलांस और अलीगंज थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने सरकारी कोष से ₹52 लाख से अधिक का गबन करने वाले एक वांछित अपराधी को धर दबोचा है, जिस पर ₹15,000 का इनाम घोषित था। गिरफ्तार आरोपी की पहचान अजय कुमार वर्मा (40 वर्ष) के रूप में हुई है, जो इंदिरा नगर, लखनऊ का निवासी है और बिजली विभाग में कार्यकारी सहायक के पद पर कार्यरत था।
डीसीपी उत्तरी के नेतृत्व में चलाए जा रहे एक विशेष अभियान के तहत, पुलिस टीम 14 सितंबर को इलाके में गश्त कर रही थी। उसी दौरान, एक विश्वसनीय मुखबिर से उन्हें सूचना मिली कि गबन का आरोपी पुरनिया पुल के नीचे खड़ा है।
सूचना मिलते ही पुलिस ने बिना देर किए एक जाल बिछाया और तत्काल मौके पर पहुँच गई। पुलिस को देखते ही आरोपी ने भागने की कोशिश की, लेकिन टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे चारों तरफ से घेरकर पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम अजय कुमार वर्मा बताया।
यह मामला तब सामने आया जब कार्यकारी अभियंता भविष्य कुमार सक्सेना ने 25 अप्रैल, 2024 को अजय कुमार वर्मा के खिलाफ एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, अजय ने कैश काउंटर से कुल ₹97,24,464 निकाले थे, लेकिन उसने सरकारी खाते में केवल ₹44,69,042 ही जमा किए। शेष ₹52,55,422 का उसने गबन कर लिया था। इस मामले के दर्ज होने के बाद से ही अजय वर्मा फरार चल रहा था।
अलीगंज पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी है और उसके आपराधिक इतिहास के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। इस गिरफ्तारी में सर्विलांस टीम के हेड कांस्टेबल अमित गौतम और संतोष कुमार, कांस्टेबल राघवेंद्र सिंह के साथ-साथ अलीगंज थाना के उपनिरीक्षक भानु प्रताप सिंह, मोहन सिंह और कांस्टेबल कौशलेन्द्र की टीम का सराहनीय योगदान रहा।
