छिंदवाड़ा (म०प्र०)। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के परासिया सिविल अस्पताल से मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक घटना सामने आई है। यहां अस्पताल के महिला शौचालय के कमोड में एक नवजात शिशु का शव बुरी तरह फंसा हुआ मिला। स्थिति इतनी जटिल थी कि शव को बाहर निकालने के लिए पुलिस और प्रशासन को करीब 8 घंटे तक कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। अंतत: कमोड को तोड़कर ही नवजात के शव को बाहर निकाला जा सका।
घटना का खुलासा तब हुआ जब अस्पताल की महिला सफाई कर्मचारी रोजाना की तरह दोपहर करीब 12:30 बजे टॉयलेट की सफाई करने पहुंची थी। बाद में जब वह दोबारा सफाई के लिए वहां गई, तो उसने देखा कि कमोड से पानी की निकासी नहीं हो रही है। सफाईकर्मी ने जब ध्यान से देखा तो उसे कमोड के भीतर नवजात का हाथ और सिर दिखाई दिया। यह देखकर वह सन्न रह गई और उसने तत्काल इसकी सूचना अस्पताल प्रबंधन को दी। प्रबंधन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत पुलिस को सूचित किया।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परासिया की प्रभारी बीएमओ डॉ. सुधा बख्शी ने बताया कि स्टाफ नर्स ने उन्हें महिला शौचालय में पानी पास न होने और कुछ फंसे होने की आशंका जताई थी। निरीक्षण करने पर नवजात के फंसे होने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस, अस्पताल स्टाफ और नगर पालिका के कर्मचारियों ने मिलकर शव को निकालने का प्रयास शुरू किया। शव कमोड में बुरी तरह फंसा हुआ था, जिसे निकालने में रेस्क्यू टीम को करीब 6 से 7 घंटे लग गए।
काफी प्रयासों के बाद मंगलवार रात करीब 8 बजे कमोड को तोड़कर नवजात का शव बरामद किया गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि नवजात को वहां किसने और किन परिस्थितियों में फेंका।
