लखनऊ। रविवार को एक प्रेरणादायक और भव्य कार्यक्रम “स्लम टू स्टारडस्ट” फैशन पेजेंट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें वंचित और असहाय बच्चों को फैशन की दुनिया में अपने सपनों को साकार करने का अवसर मिला। यह कार्यक्रम पायल सिंह, फाउंडर बेलेजा नेचुरल, ज्योतिका मीरपुरी अरोड़ा, फाउंडर जेएमए स्टूडियो एवं पूजा सानवाल, फाउंडर ट्रेज़री के संयुक्त प्रयास से इनोवेशन फॉर चेंज संस्था के निःशुल्क शिक्षा विद्यालय ‘इनोवेटिव पाठशाला’ के गरीब और पिछड़े बच्चों की प्रतिभा को उजागर करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य था कि झुग्गी-झोपड़ी जैसी कठिन परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों को एक ऐसा मंच उपलब्ध कराया जाए जहाँ वे अपनी कला, फैशन डिजाइनिंग और अन्य हुनर को निखार सकें। इससे बच्चों को न केवल अपनी जीवनशैली सुधारने का अवसर मिलेगा, बल्कि वे मुख्यधारा में अपनी पहचान भी बना सकेंगे। इस पहल से वंचित बच्चे न केवल अपने सपनों को पूरा करने की दिशा में कदम बढ़ाएंगे, बल्कि आत्मनिर्भर बनने की ओर भी प्रेरित होंगे।इस आयोजन में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहीं।
समाजसेविका सादिया शाहान, फाउंडर एफटीवी, गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में उपस्थित थीं, वहीं वन्दिता अग्रवाल, चेयरपर्सन एफआईसीसीआईएल लखनऊ चैप्टर, विशेष अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुईं।
फैशन पेजेंट में तीन मुख्य राउंड हुए, जिनमें क्यूएनए (Q&A) राउंड और इंट्रोडक्शन राउंड मुख्य आकर्षण रहे। फैशन शो का विषय खास तौर पर झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले बच्चों की प्रतिभा को सामने लाना था।
कार्यक्रम में जजमेंट का कार्य गौरव प्रकाश, निवेदिता सिंह, सिमरन साहनी, पूजा अग्रवाल, डॉ. टीना, स्मिता शर्मा, वंदिता अग्रवाल और तुषा अरोरा ने किया। कुल सात बच्चे क्यूएनए राउंड तक पहुंचे, जिनमें से तीन को विजेता घोषित किया गया। स्नेहा कश्यप को फर्स्ट रनर अप, राखी वर्मा को सेकंड रनर अप और महक कनौजिया को मुख्य विजेता का सम्मान मिला। इसके अतिरिक्त ज्योति साहू को ‘ब्यूटी विद ब्रेन’, रंजना कुमारी को ‘मिस टीन रनवे’, इशिका कश्यप को ‘ग्लोअप क्वीन’, ज्योति साहू को ‘जोजो स्टाइल स्कारलेट’ तथा अराधना सोनी को ‘मिस फैशन फारवर्ड’ का खिताब दिया गया।
विजेताओं को भव्य क्राउन पहनाकर सम्मानित किया गया। इस आयोजन ने न केवल वंचित बच्चों के लिए नई उम्मीदें जगाई, बल्कि यह संदेश भी दिया कि सही मंच और सहयोग मिले तो कोई भी परिस्थिति उनकी प्रतिभा और सफलता के रास्ते में बाधा नहीं बन सकती।
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