•पूर्व ब्लॉक प्रमुख की गिरफ्तारी का विरोध कर रहे, वकीलों का आरोप- दरोगा ने अभद्रता की।
प्रयागराज। बिना एफआईआर लिखे पूर्व ब्लॉक प्रमुख को अरेस्ट करने के विरोध में सैकड़ों वकील यमुनापार के औद्योगिक थाने में इकट्ठा हो गए। वह पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हंगामा कर रहे हैं। वकील और पुलिस अधिकारियों के बीच बातचीत चल रही है, मगर कोई समाधान नहीं निकला है। वकील थाने के परिसर में ही मौजूद हैं।
ज्ञात हो कि सोमवार रात को टोल प्लाजा पर हंगामा होने पर पूर्व ब्लाक प्रमुख विजयराज सिंह और उनके तीन साथियों को पुलिस ने हिरासत में लिया था। इसके विरोध में वकील सड़क पर बैठ गए हैं। हंगामा खत्म कराने के लिए पुलिस और वकीलों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई है। कुछ देर में पूर्व सांसद रेवती रमण सिंह भी वकीलों के बीच पहुंच गए। बता दें कि पूर्व ब्लॉक प्रमुख विजयराज भी पेशे से वकील हैं।
इस पूरे मामले की शुरुआत सोमवार की रात 10 बजे हुई, जब औद्योगिक थाना क्षेत्र के मुंगारी टोल प्लाजा पर टोल टैक्स को लेकर कुछ लोगों का टोल कर्मियों से विवाद हो गया। कुछ अराजक तत्व भी आपस में लड़ाई झगड़ा करने लगे। इसकी सूचना पुलिस को हुई, पुलिस चौकी इंचार्ज सुरेंद्र प्रताप यादव मौके पर पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने पहुंचते ही झगड़ रहे लोगों पर लाठी बरसा दीं। इसकी वजह से वहां पर काफी भीड़ इकट्ठा हो गई। शोर शराबा बढ़ने पर पूर्व ब्लॉक प्रमुख विजय राज सिंह राजू अपने समर्थकों के साथ वहां पर पहुंचे। लोगों को समझाकर बीच-बचाव करने लगे।
इसी बीच चौकी इंचार्ज चार्ज सुरेंद्र यादव और विजयराज के बीच कहासुनी हो गई। चौकी प्रभारी ने विजय राज सिंह, सर्वेश सिंह समेत 2 अन्य लोगों को हिरासत में लेकर थाने लेकर आ गए।
आज मंगलवार सुबह होने पर सैकड़ों वकील औद्योगिक थाने पहुंचकर हंगामा करने लगे। वकील पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगा रहे थे। पुलिस के अधिकारियों के पहुंचने पर वकीलों ने सवाल किए कि क्या बिना किसी अपराध के लोगों को थाने में रखा जाएगा? अगर कोई अपराध है तो एफआईआर लिखकर जेल भेज दो। मगर पहले टोल प्लाजा के सीसीटीवी देख लो। वकीलों ने कहा कि पुलिस खुद लोगों को संभाल नहीं सकी। जब पूर्व ब्लॉक प्रमुख समझाने पहुंचे, तो उन्हीं को पकड़कर ले आई।
जो दोषी हैं, उन्हें पकड़े- रेवती रमण सिंह
वहीं जानकारी होने पर पूर्व सांसद कुंवर रेवती रमण सिंह भी औद्योगिक थाने पहुंच गए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में पुलिस की तानाशाही बढ़ती जा रही है। अपराध बढ़ते जा रहे हैं। लगातार अधिवक्ताओं को मारा जा रहा है। खुलेआम गोली चल रही है। पुलिस पूरी तरह से निरंकुश हो चुकी है। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार किए गए लोगों को रिहा करना चाहिए और जो दोषी हो उसके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
