प्रयागराज। माघ मेला में कई संत और महात्मा भी आए हुए हैं। इनमें से कुछ सांसारिक मोह माया से दूर हैं तो कुछ ऐसे भी है जिनके ठाठ-बाठ किसी रईसों से कम नहीं है। इस बीच संतोष दास उर्फ सतुआ बाबा काफी चर्चा में हैं।
बताया जाता है कि सतुआ बाबा के पास लग्जरी गाड़ियों का काफिला है। उनके पास लैंड रोवर की डिफेंडर समेत कई अन्य करोड़ों की गाड़ियां हैं। इस बीच उनके इस लग्जरी काफिले में पोर्शे (Porsche) कार भी शामिल हो गई है। जिसकी कीमत 3 करोड़ से अधिक है।
सतुआ बाबा ने माघ मेला शिविर में इस कार का विधि-विधान के साथ पूजन किया। इस दौरान उनके साथ अन्य साधु-संत भी मौजूद रहे।
वहीं, कुछ लोग उन्हें माला पहनाकर उनका आदर सत्कार किया। माघ मेले में उनकी कार आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। वहीं, कार के पूजन का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
सतुआ बाबा कौन हैं?
प्रयागराज के माघ मेले में करोड़ों की पोर्श कारों के काफिले के साथ चर्चा में आए सतुआ बाबा उर्फ संतोष दास जी महाराज काशी के मणिकर्णिका घाट स्थित सनातन पीठ के वर्तमान महामंडलेश्वर हैं। वे हमेशा पीले वस्त्रों में दिखाई देते हैं और अक्सर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ नजर आते हैं, जिससे उनकी पहचान और चर्चा और बढ़ी है।
सनातन पीठ की स्थापना वर्ष 1803 में गुजरात के संत जेठा पटेल ने की थी। इस पीठ में बटुकों को वैदिक शिक्षा दी जाती है और गंगा पार गौशाला सहित कई धार्मिक व सेवा कार्य संचालित होते हैं।
संतोष दास मूल रूप से यूपी के ललितपुर जिले के एक साधारण ब्राह्मण परिवार से हैं। 11 वर्ष की उम्र में वे काशी आए और 19 वर्ष की आयु में उन्हें महामंडलेश्वर की उपाधि मिली, जो एक रिकॉर्ड है।
बताया जाता है कि सतुआ बाबा के पास पोर्श, डिफेंडर जैसी लग्जरी कारें, प्राइवेट जेट और क्रूज जैसी महंगी संपत्तियां हैं, जिस कारण वे मीडिया और सोशल मीडिया पर सुर्खियों में हैं।
