•इस बार केंद्र पर भेजी जाने वाली परीक्षकों की सूची में उनकी फोटो चस्पा रहेगी।
प्रयागराज। यूपी बोर्ड में इंटरमीडिएट की वर्ष 2026 की प्रायोगिक परीक्षा शुचितापूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए यूपी बोर्ड ने महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। प्रायोगिक परीक्षा केंद्र पर भेजी जाने वाली परीक्षकों की सूची में जहां उनकी फोटो इस बार चस्पा रहेगी। दूसरी ओर उन विद्यालयों के परीक्षार्थियों की प्रायोगिक परीक्षा दूसरे विद्यालय पर कराए जाने का भी निर्णय लिया गया है, जिनकी मान्यता प्रत्याहरण यानी वापस लिए जाने की कार्यवाही चल रही है। ऐसे विद्यालयों के विद्यार्थियों की प्रायोगिक परीक्षा नजदीक के केंद्र पर कराई जाएगी।
ज्ञात हो कि यूपी बोर्ड के 385 विद्यालयों के विरुद्ध विभिन्न कारणों से मान्यता प्रत्याहरण की कार्यवाही चल रही है। यह विद्यालय लिखित परीक्षा के लिए केंद्र नहीं बनाए हैं। इसके अलावा इन विद्यालयों में इंटरमीडिएट प्रायोगिक परीक्षा का भी आयोजन नहीं होगा।
इस संबंध में बोर्ड सचिव भगवती सिंह की ओर से सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देश भेजे जा रहे हैं। सचिव ने कहा है कि प्रायोगिक परीक्षा भी सरकार की जीरो टालरेंस की नीति पर कराई जाएगी। यानी कि छोटी-छोटी त्रुटियों के लिए भी उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम-2024 के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। केंद्र पर किसी परीक्षक पर अंक ज्यादा देने का दबाव बनाने की शिकायत पर संबंधित के विरुद्ध परीक्षा अधिनियम की धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।
परीक्षक मनमाने ढंग से अधिक परीक्षार्थियों की परीक्षा एक ही दिन में नहीं ले सकेंगे। इसकी संख्या निर्धारित की जा रही है, जिसका उल्लेख निर्देश में किया जाएगा। परीक्षक पूर्व की तरह एप पर ही केंद्र परिसर के 100 मीटर दायरे में रहकर आनलाइन अंक प्रदान कर सकेंगे।
आफलाइन अंक देने की व्यवस्था वर्ष 2026 की परीक्षा में समाप्त कर दी गई है। प्रायोगिक परीक्षा दो चरण में होगी। पहले चरण में 24 जनवरी से एक फरवरी तक (29-30 जनवरी को छोड़कर) तथा दूसरे चरण में दो फरवरी से आठ फरवरी तक परीक्षा होगी।
