जौनपुर। जिले के मुंगराबादशाहपुर थाना क्षेत्र से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक मजदूरी करके जीवन यापन करने वाले युवक के नाम पर फर्जी तरीके से फर्म संचालित कर एक महीने में 24 करोड़ 55 लाख 80 हजार रुपये का टर्नओवर किया गया। इस फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब उस गरीब मजदूर रोहित सरोज के नाम पर 4 करोड़ 42 लाख 4 हजार 400 रुपये का जीएसटी बकाया का नोटिस आ गया।
धौरहरा गांव निवासी रोहित सरोज और उनके भाई दिहाड़ी मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। रोहित ने कभी कोई व्यापार नहीं किया, लेकिन अचानक 30 अगस्त को जीएसटी विभाग की ओर से एक नोटिस प्राप्त हुआ, जिसमें दावा किया गया कि आर.के. ट्रेडर्स नामक एक फर्म के माध्यम से उन्होंने करोड़ों रुपये का व्यापार किया है, लेकिन जीएसटी जमा नहीं की गई।
अधिकारियों की जांच में पता चला कि जिस फर्म से लेनदेन हुआ वह मुंगराबादशाहपुर के ही नीभापुर गांव में पंजीकृत है। फर्म के जरिए जून 2025 में उक्त भारी-भरकम टर्नओवर दर्शाया गया, लेकिन फर्म से जुड़े किसी भी व्यक्ति की पहचान स्पष्ट नहीं है। फर्म में उपयोग किए गए दस्तावेज **रोहित सरोज** के हैं।
पीड़ित रोहित सरोज ने बताया कि कुछ समय पहले एक अज्ञात व्यक्ति ने खुद को उनका दूर का रिश्तेदार बताते हुए नौकरी दिलाने का लालच दिया था। उस व्यक्ति ने आधार कार्ड, पैन कार्ड की कॉपी और एक बार ओटीपी भी फोन पर लेकर उनसे साझा करवा लिया था। इसके बाद वह व्यक्ति फिर कभी संपर्क में नहीं आया।
4.42 करोड़ रुपये के नोटिस ने रोहित और उनके परिवार को सकते में डाल दिया है। उनका कहना है कि वे मजदूरी करके पेट पालते हैं, इतनी बड़ी रकम कैसे चुका सकते हैं? अब वे न्याय की गुहार लेकर पुलिस महानिरीक्षक और अन्य अधिकारियों के पास दौड़ लगा रहे हैं।
फिलहाल मुंगराबादशाहपुर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जालसाजों की तलाश कर रही है। साथ ही 10 सितंबर को रोहित को जीएसटी कार्यालय में दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने को कहा गया है। यह मामला न सिर्फ जालसाजी का गंभीर उदाहरण है, बल्कि यह भी दिखाता है कि कैसे तकनीकी जानकारी की कमी और मासूमियत का फायदा उठाकर अपराधी आम जनता को फंसा रहे हैं।
