बल्दीराय/सुलतानपुर। बल्दीराय तहसील क्षेत्र के सवर्ण समाज के सैकड़ो लोगों ने बुधवार को यूजीसी के विरोध में व्यापक धरना प्रदर्शन किया यह प्रदर्शन बल्दीराय कस्बे के नहर चौराहा थाना मोड़ रामलीला मैदान होते हुए पुनः तहसील परिसर में आकर उप जिलाधिकारी बल्दीराय प्रवीण कुमार को ज्ञापन दिया।
सवर्ण समाज ने केंद्र सरकार के विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से जुड़े वर्तमान एवं प्रस्तावित फैसलों के विरोध में बल्दीराय क्षेत्र के सवर्ण समाज ने राष्ट्रपति को संबोधित चार सूत्रीय ज्ञापन उप जिलाधिकारी (एसडीएम) बल्दीराय को सौंपा।
सवर्ण समाज के लोगों का आरोप है कि यूजीसी की मौजूदा और प्रस्तावित नीतियां देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था, शिक्षकों, शोधार्थियों तथा विद्यार्थियों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती हैं।
ज्ञापन में कहा गया है कि शिक्षा, लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़े विषयों पर समाज सदैव सजग रहा है, और वर्तमान नीतियों से शिक्षा की गुणवत्ता, पारदर्शिता तथा समान अवसर की भावना को गंभीर क्षति पहुंचने की आशंका है।
सवर्ण समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि शिक्षा किसी भी राष्ट्र की रीढ़ होती है और इसमें बिना व्यापक विमर्श के लिए गए निर्णय दीर्घकालिक नुकसान का कारण बन सकते हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि यूजीसी के हालिया निर्णयों को लेकर देशभर में शिक्षाविदों, छात्रों और सामाजिक संगठनों के बीच गहरी चिंता और असंतोष व्याप्त है। ज्ञापन में यह भी जोर दिया गया कि विद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों को जाति, धर्म या लिंग के आधार पर विभाजित करने से बचा जाना चाहिए। जब कोई बालक विद्यालय जाता है तो वह केवल एक छात्र होता है। वहां उसकी कोई जाति, धर्म या लिंग नहीं होता। इस विषय पर महान शिक्षाविदों और शोधार्थियों से राय लेना आवश्यक बताया गया।
राष्ट्रपति से आग्रह किए गए प्रमुख बिंदुओं मेंयूजीसी से संबंधित विवादित नीतियों एवं प्रस्तावों पर पुनर्विचार,शिक्षकों, छात्रों और विशेषज्ञों से व्यापक परामर्श के बाद ही अंतिम निर्णय, उच्च शिक्षा की स्वायत्तता, गुणवत्ता और समानता को प्राथमिकता देना तथा शिक्षा व्यवस्था को व्यवसायीकरण से मुक्त रखते हुए जनहित में निर्णय सुनिश्चित करना शामिल है।
सवर्ण समाज ने विश्वास व्यक्त किया कि राष्ट्रपति देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन होने के नाते इस गंभीर विषय पर संज्ञान लेंगे और राष्ट्रहित में उचित दिशा-निर्देश प्रदान करेंगे। इस अवसर पर तहसील क्षेत्र के सैकडो की संख्या में सवर्ण समाज के लोग मौजूद रहे।
