•धर्मेंद्र चौधरी ने भरी हुंकार, बोले- अब वादे नहीं, नियुक्ति चहिए!
प्रयागराज। शिक्षा नगरी प्रयागराज बुधवार को एक बार फिर रोजगार आंदोलन के सबसे बड़े मंच के रूप में गूंज उठा। डीएलएड प्रशिक्षुओं ने वर्षों की प्रतीक्षा और सरकार की खामोशी के खिलाफ ज़बरदस्त प्रदर्शन करते हुए शिक्षा सेवा चयन आयोग के बाहर धरना दिया। इस ऐतिहासिक प्रदर्शन में प्रदेश भर से हज़ारों की संख्या में प्रशिक्षु शामिल हुए, जिन्होंने नियुक्ति की मांग को लेकर सरकार पर जनदबाव बनाया।
“7 साल से इंतज़ार अब बर्दाश्त नहीं!” – आंदोलन की हुंकार
इस विशाल धरना प्रदर्शन का नेतृत्व डीएलएड संयुक्त प्रशिक्षु संघ के प्रदेश अध्यक्ष रजत सिंह कर रहे थे, जबकि आंदोलन में जोश भरने का कार्य किया अलीगढ़ ज़िले के जिला अध्यक्ष और छात्र नेता धर्मेन्द्र चौधरी ने।
उन्होंने मंच से हुंकार भरते हुए कहा, “2018 के बाद से एक भी प्राथमिक शिक्षक भर्ती नहीं निकली है। यह सिर्फ बेरोज़गारी नहीं, बल्कि लाखों युवा सपनों की हत्या है। सरकार को अब सिर्फ आश्वासन नहीं, कार्यवाही करनी होगी।”
प्रदर्शन में उठीं ये प्रमुख माँगें:
1. नई प्राथमिक शिक्षक भर्ती 2025 का तत्काल विज्ञापन जारी किया जाए।
2. भर्ती की समय-सीमा और चयन प्रक्रिया स्पष्ट की जाए।
3. डीएलएड/बीटीसी प्रशिक्षुओं के अधिकारों की रक्षा की कानूनी गारंटी दी जाए।

प्रशिक्षुओं के हाथों में तख्तियां –
“डीएलएड वालों ने ठाना है। नई शिक्षक भर्ती लेकर ही घर जाना है।”
“रोज़गार हमारा हक़ है”, “योग्यता का सम्मान करो”, “अब नहीं सहेंगे वादाखिलाफी!”
आगे की रणनीति – राजधानी में महासंग्राम?
धर्मेन्द्र चौधरी ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस बार भी मौन व्रत अपनाया, तो अगली लड़ाई अब राजधानी लखनऊ में बड़े जनांदोलन के रूप में होगी।
