•सोनहा थाना पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, आरोपी को 50 लाख की मानहानि का लीगल नोटिस।
केके मिश्रा संवाददाता।
बस्ती/संत कबीर नगर। थाना सोनहा क्षेत्र में एक पत्रकार को मोबाइल फोन पर गाली-गलौज एवं जान से मारने की धमकी दिए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। इस प्रकरण में सोनहा पुलिस ने ग्राम खमरिया निवासी विकास चौधरी के विरुद्ध मुकदमा संख्या 11/2026 दर्ज करते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 352 व 31/3 के अंतर्गत विधिक कार्यवाही प्रारंभ कर दी है। वहीं पीड़ित पत्रकार की ओर से आरोपी को 50 लाख रुपये की मानहानि का कानूनी नोटिस उसके निवास पर भेजा गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार राहुल सिंह, जो पेशे से पत्रकार हैं तथा प्रेस क्लब के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं, ने जनपद संतकबीरनगर के विकासखंड सेमरियावां अंतर्गत ग्राम पंचायत खमरिया में कथित पंचायत अनियमितताओं को लेकर संबंधित अधिकारियों को एक लिखित शिकायत पत्र प्रेषित किया था।
बताया जाता है कि उक्त शिकायत से आक्रोशित होकर ग्राम खमरिया निवासी विकास चौधरी पुत्र कन्हैया लाल चौधरी द्वारा पीड़ित पत्रकार को लगातार मोबाइल फोन के माध्यम से गाली-गलौज एवं जान से मारने की धमकियां दी जाने लगीं। पीड़ित के अनुसार दिनांक 7 जनवरी 2026 की रात्रि लगभग 8:36 बजे मोबाइल नंबर +91 84333 03232 से कॉल कर आरोपी ने न केवल उन्हें बल्कि उनके मीडिया संस्थानों दूरदर्पण न्यूज एवं समाचार नेशन टीवी को भी निशाना बनाते हुए अत्यंत अशोभनीय एवं अभद्र भाषा का प्रयोग किया तथा खुलेआम जान से मारने की धमकी दी।
कॉल के दौरान आरोपी द्वारा कथित रूप से कहा गया- “मोबाइल में रिकॉर्ड कर लो, ग्राम खमरिया की शिकायत क्यों कर रहे हो, हम जान से मार देंगे, हमारा कुछ नहीं कर पाओगे।”
पीड़ित पत्रकार का कहना है कि लगातार मिल रही धमकियों के चलते वह और उनका परिवार भय एवं असुरक्षा के माहौल में जीने को विवश है। धमकी से संबंधित कॉल रिकॉर्डिंग उनके मोबाइल फोन में सुरक्षित है, जिसे साक्ष्य के रूप में पुलिस को सौंप दिया गया है।
थाना सोनहा पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
उधर, पीड़ित पत्रकार की ओर से आरोपी विकास चौधरी को 50 लाख रुपये की मानहानि का लीगल नोटिस भेजा गया है, जिसमें धमकी, मानसिक उत्पीड़न एवं सामाजिक व व्यावसायिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। नोटिस में निर्धारित समयावधि में संतोषजनक उत्तर न मिलने की स्थिति में न्यायालय की शरण लेने की चेतावनी दी गई है।
इस घटना को लेकर विभिन्न पत्रकार संगठनों ने कड़ी निंदा करते हुए इसे स्वतंत्र पत्रकारिता पर सीधा हमला बताया है तथा आरोपी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है।
