लखनऊ। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व और निर्देशन में ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से प्रदेश के प्रत्येक विकास खंड की दो ग्राम पंचायतों में प्रत्येक शुक्रवार को ग्राम चौपालों का आयोजन किया जा रहा है।
“गांव की समस्या–गांव में समाधान” की अवधारणा पर आधारित इन चौपालों के माध्यम से बड़ी संख्या में ग्रामीणों की व्यक्तिगत और सार्वजनिक समस्याओं का निराकरण उनके गांव में ही किया जा रहा है। डबल इंजन सरकार की यह पहल प्रशासन को सीधे गांव और गरीबों तक पहुंचाने का माध्यम बन रही है।
ग्राम चौपालों से जहां गांवों में चल रही विभिन्न विकास परियोजनाओं की जमीनी हकीकत सामने आ रही है, वहीं सामाजिक क्षेत्र की योजनाओं के क्रियान्वयन में भी तेजी आई है। उप मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में ठोस और प्रभावी कार्ययोजना के तहत चौपालों का आयोजन किया जा रहा है। चौपाल से पूर्व गांवों में सफाई व्यवस्था पर विशेष फोकस किया जा रहा है और ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है। इन चौपालों में केवल व्यक्तिगत ही नहीं, बल्कि सामुदायिक और सार्वजनिक समस्याओं का भी मौके पर समाधान किया जा रहा है।
ग्राम्य विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार बीते शुक्रवार को प्रदेश की 1326 ग्राम पंचायतों में ग्राम चौपालों का आयोजन किया गया, जिनमें 3295 प्रकरणों का निस्तारण पंचायत स्तर पर ही कर दिया गया। इन चौपालों में 3295 ब्लॉक स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी तथा 5599 ग्राम स्तरीय कर्मचारी मौजूद रहे।
कार्यक्रमों में 64 हजार से अधिक ग्रामीणों ने सहभागिता की और अपनी समस्याएं सीधे अधिकारियों के समक्ष रखीं।विभागीय आंकड़ों के अनुसार अब तक प्रदेश में एक लाख 80 हजार से अधिक ग्राम चौपालों का आयोजन किया जा चुका है, जिनके माध्यम से छह लाख से अधिक समस्याओं और प्रकरणों का समाधान किया गया है।
उप मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ग्राम चौपालों का आयोजन नियमित और विधिवत रूप से जारी रखा जाए, ताकि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके और गांवों के समग्र विकास को नई गति मिल सके।
