-गलत जोन व बिना स्टीकर चल रहे ई-रिक्शा चालकों का चालान, जाम से राहत की उम्मीद।
बस्ती। शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए यातायात पुलिस द्वारा ई-रिक्शा संचालन को लेकर फिर से सख्ती शुरू कर दी गई है। मार्च 2025 में ई-रिक्शा के लिए तैयार किए गए यातायात मास्टर प्लान के तहत निर्धारित जोन और रूट व्यवस्था को 12 जनवरी 2026 से दोबारा प्रभावी कर दिया गया है। अब बिना जोन स्टीकर के या गलत जोन में चल रहे ई-रिक्शा चालकों के खिलाफ चालान और अन्य कार्रवाई की जा रही है।
मास्टर प्लान के तहत ई-रिक्शा वाहनों को निर्धारित रूट कोड दिए गए थे और उसी रूट पर संचालन के निर्देश थे। शुरुआती तीन-चार महीनों तक व्यवस्था का पालन हुआ, लेकिन बाद में यह व्यवस्था पूरी तरह फेल हो गई। नियमों की अनदेखी के कारण शहर में जाम की समस्या गंभीर हो गई थी। इसे देखते हुए यातायात पुलिस ने एक बार फिर जोन व्यवस्था का कड़ाई से पालन कराना शुरू किया है।
परिवहन विभाग के अनुसार जिले में करीब छह हजार से अधिक ई-रिक्शा पंजीकृत हैं। इनमें से अधिकांश ई-रिक्शा शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में ही संचालित हो रहे हैं, जिससे यातायात दबाव और जाम की समस्या बढ़ रही है।
जोन व्यवस्था इस प्रकार है—
रेड जोन में शास्त्री चौक स्थित तिरंगा तिराहे से गांधीनगर, रोडवेज, जिला अस्पताल, दक्षिण दरवाजा से रेलवे स्टेशन तक का क्षेत्र शामिल है।
ऑरेंज जोन में मंगल बाजार, करुआबाबा, दक्षिण दरवाजा, रेलवे स्टेशन वाया हड़िया को रखा गया है।
ब्लू जोन में बड़ेवन, मालवीय रोड, कटरा पानी टंकी, अमहट और फुटहिया शामिल हैं।
यलो जोन में वाल्टरगंज, बड़ेवन, पटेल चौक, मनौरी और रुधौली रूट निर्धारित है।
ग्रीन जोन में डारीडीहा, सोनूपार, महसों, फुटहिया और चेतक तिराहा शामिल हैं।
पूर्व में ई-रिक्शा चालक नियम तोड़कर किसी भी जोन में वाहन चला रहे थे, जिससे शहर में आए दिन जाम की स्थिति बन रही थी। अब यातायात पुलिस द्वारा सख्ती किए जाने से व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

यातायात प्रभारी अवधेश तिवारी ने बताया कि पंजीकृत ई-रिक्शा के लिए शहर में जोन निर्धारित किए गए हैं। यदि कोई ई-रिक्शा गलत जोन में चलता पाया गया तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
