गोरखपुर। रेलवे सुरक्षा बल, पूर्वोत्तर रेलवे द्वारा, रेल सम्पत्ति की सुरक्षा, अवैध सामानों की धर-पकड़, यात्रियों को सुरक्षा प्रदान करने के साथ ही ‘बचपन बचाओ अभियान’ के तहत मानव तस्करी की रोकथाम का निरंतर प्रयास किया जाता रहा है। हाल ही में बल की सक्रियता से कई सराहनीय कार्य किए गए हैं।
प्लेटफार्म और ट्रेनों से मिलीं दो नाबालिग बच्चियां :-
13 जुलाई 2025 को गोरखपुर जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर 2 पर एक 17 वर्षीय लड़की लावारिस अवस्था में मिली, जिसे पूछताछ के बाद चाइल्ड लाइन गोरखपुर को सौंप दिया गया।
इसी दिन लखनऊ जंक्शन पर आरपीएफ और चाइल्ड लाइन की संयुक्त निगरानी के दौरान गाड़ी संख्या 15033 (पाटलिपुत्र-लखनऊ एक्स.) में एक 8 वर्षीय डरी-सहमी बच्ची को सुरक्षित पाया गया। उसे भी आवश्यक प्रक्रिया के बाद चाइल्ड लाइन लखनऊ को सुपुर्द कर दिया गया।
यात्री को सकुशल लौटाया गया छूटा सामान:- 12 जुलाई 2025 को रेलवे सुरक्षा बल द्वारा गाड़ी सं0 12554 (वैशाली एक्स0) में यात्री का छूटा 01 एलईडी टीवी मिलने पर रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट सीवान पर जमा किया गया। 13 जुलाई 2025 को यात्री के पोस्ट पर उपस्थित होने पर उचित पहचान व सत्यापन के पश्चात टीवी को सुपुर्द किया गया।
रेल भूमि से 20 झोपड़ियों का शांतिपूर्ण अतिक्रमण मुक्त कराना:- 11 जुलाई 2025 को रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट मसरख, सीनियर सेक्शन इंजीनियर/कार्य/थावे, सीनियर सेक्शन इंजीनियर/कार्य/सिधवलिया, राजापट्टी-मसरख के मध्य किमी 41/13-14 के पास बाहरी व्यक्तियों द्वारा रेल भूमि पर अनाधिकृत रूप से 20 झोपड़ी के अवैध अतिक्रमण को शांतिपूर्ण तरीके से मुक्त कराया गया जिसकी कीमत रू0 7,50,000/- आंकी गयी।
रेलवे प्रशासन ने आरपीएफ की इन कार्रवाइयों की सराहना करते हुए आम जनता से सहयोग की अपील की है, ताकि यात्रियों की सुरक्षा एवं रेल सम्पत्तियों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।
