लखनऊ। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत जनपद मऊ में सामाजिक समरसता, समानता और जनकल्याण की भावना को मजबूत करते हुए 308 जोड़ों का सामूहिक विवाह कार्यक्रम गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। यह भव्य आयोजन बापू इंटर कॉलेज, कोपागंज में आयोजित किया गया, जहां जनपद के विभिन्न विकास खंडों एवं नगरीय क्षेत्रों से बड़ी संख्या में वर–वधू, उनके परिजन और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा वर्चुअल माध्यम से जुड़कर नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया।इस सामूहिक विवाह कार्यक्रम में जनपद के लगभग सभी क्षेत्रों से जोड़ों की सहभागिता रही। घोसी विकास खंड से 32, रतनपुरा से 26, कोपागंज से 30, परदहा से 9, दोहरीघाट से 41, फतहपुर से 40, गोहना से 38, रानीपुर से 31, बड़राव से 26 तथा शहरी क्षेत्र से 29 जोड़े इस पुनीत आयोजन का हिस्सा बने।
एक ही मंच पर सैकड़ों जोड़ों का विवाह संपन्न होना सामाजिक एकता और समान अवसर की भावना को दर्शाता है, वहीं यह संदेश भी देता है कि सरल, सुसंस्कृत और सम्मानजनक विवाह परंपरा को अपनाकर सामाजिक कुरीतियों को दूर किया जा सकता है।
नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की सराहना करते हुए कहा कि यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए एक मजबूत सहारा बनकर उभरी है।
उन्होंने बताया कि पहले इस योजना के अंतर्गत प्रति जोड़ा 51,000 रुपये की सहायता राशि दी जाती थी, जिसे मुख्यमंत्री के दूरदर्शी निर्णय से बढ़ाकर 1,00,000 रुपये कर दिया गया है। सहायता राशि में यह वृद्धि सरकार की गरीब, वंचित और जरूरतमंद परिवारों के प्रति संवेदनशील सोच और प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।
उन्होंने सभी 308 नवविवाहित जोड़ों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की कि सभी दंपत्ति सुखी, स्वस्थ और समृद्ध दांपत्य जीवन व्यतीत करेंगे। उन्होंने कहा कि नवविवाहित जोड़े अपने माता–पिता की सेवा करते हुए समाज, प्रदेश और देश के विकास में सकारात्मक भूमिका निभाएं, यही इस योजना की वास्तविक सफलता होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में फैली दिखावटी और खर्चीली विवाह परंपराओं को कम करने की दिशा में एक प्रभावी कदम है।कार्यक्रम ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि प्रदेश सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना जैसे कार्यक्रम सामाजिक समरसता को मजबूत करने के साथ-साथ गरीब और जरूरतमंद परिवारों को सम्मानजनक जीवन की नई शुरुआत का अवसर प्रदान कर रहे हैं। भविष्य में भी ऐसी जनकल्याणकारी योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाकर समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने का संकल्प दोहराया गया।
