रिपोर्ट: पवन रस्तोगी।
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) द्वारा आयोजित हाईस्कूल (कक्षा 10) और इंटरमीडिएट (कक्षा 12) परीक्षा 2025 का बहुप्रतीक्षित परिणाम आज दिनांक 25 अप्रैल 2025 को दोपहर 12:30 बजे घोषित कर दिया गया। परिषद के सचिव भगवती सिंह द्वारा यह जानकारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति के माध्यम से दी गई।
रिजल्ट को विद्यार्थी www.upmsp.edu.in एवं www.results.digilocker.gov.in पर जाकर आसानी से देख सकते हैं।
परिणाम देखने की प्रक्रिया:
- यूपी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
- होमपेज पर “Exam Result” या “परिणाम” टैब पर क्लिक करें।
- “UP Board 10th Result 2025” या “UP Board 12th Result 2025” विकल्प चुनें।
- इसके बाद जनपद, परीक्षा वर्ष और अनुक्रमांक भरें।
- “View Result” बटन पर क्लिक करें।
- आपका रिजल्ट स्क्रीन पर प्रदर्शित होगा जिसे डाउनलोड या प्रिंट भी किया जा सकता है।
बता दें इस बार की परीक्षा में लाखों छात्रों ने प्रतिभाग किया था। परीक्षा परिणामों की पारदर्शिता और सुलभता को बनाए रखने के लिए डिजीलॉकर से भी परिणाम उपलब्ध कराया गया है।

रिजल्ट का तनाव ना लें, आपका भविष्य सिर्फ एक परीक्षा से तय नहीं होता: विशेषज्ञों की छात्रों को सलाह
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) द्वारा आज दोपहर 12:30 बजे हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 2025 का परिणाम जारी किया गया। जहां एक ओर लाखों छात्र-छात्राएं अपने मेहनत के परिणाम को लेकर उत्साहित हैं, वहीं कई छात्र ऐसे भी हैं जो परिणाम को लेकर मानसिक तनाव, चिंता और भय का सामना कर रहे हैं।
विशेषज्ञों और शिक्षाविदों का मानना है कि परीक्षा का परिणाम जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव जरूर है, लेकिन यह किसी भी छात्र के पूरे भविष्य का निर्धारण नहीं करता।
मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. अनुराधा मिश्रा बताती हैं,
“हर साल परीक्षा के बाद कुछ छात्र तनाव, आत्मग्लानि या अवसाद में चले जाते हैं। माता-पिता और शिक्षकों की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों को यह समझाएं कि यह सिर्फ एक परीक्षा है, जीवन नहीं।”
क्या करें छात्र:
- परिणाम अच्छा ना आए तो घबराएं नहीं, खुद को असफल समझने की भूल ना करें।
- मनपसंद कोर्स या करियर विकल्पों की तलाश करें, विकल्प हमेशा मौजूद रहते हैं।
- किसी अनुभवी शिक्षक या करियर काउंसलर से सलाह लें।
- खुद को तुलना से बचाएं और आत्मविश्लेषण करें।
अभिभावकों के लिए सुझाव:
- बच्चों को डांटे या फटकारें नहीं, बल्कि उनका भावनात्मक सहारा बनें।
- परिणाम चाहे जैसा भी हो, उनका मनोबल बनाए रखें।
- बच्चों के साथ बैठकर आगे की योजना बनाएं।
युवाओं के लिए संदेश:
“असफलता, सफलता की पहली सीढ़ी होती है।” एक परीक्षा में अपेक्षित अंक न आना जीवन की हार नहीं, बल्कि सीखने का एक अवसर है। आत्मविश्वास, निरंतर प्रयास और सकारात्मक सोच से हर मंजिल हासिल की जा सकती है।
