•विकसित भारत गारंटी रोजगार आजीविका मिशन से ग्रामीण विकास को दीक्षित भारत 2047 के संकल्प से जोड़ा जा सकता है- प्रभारी मंत्री विजयलक्ष्मी गौतम
के के मिश्रा संवाददाता।
संत कबीर नगर। शनिवार को माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र की सरकार द्वारा मनरेगा की जगह/वी, बी, जी ,राम जी/विकसित भारत गारंटी का रोजगार और आजीविका मिशन 2025 को लेकर जनपद के प्रभारी ग्राम विकास राज्य मंत्री माननीय विजयलक्ष्मी गौतम द्वारा पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत स्थानीय डाक बंगले में प्रेस वार्ता किया गया।

माननीय मंत्री विजयलक्ष्मी गौतम द्वारा प्रेस के माध्यम से जनपद वासियों को विकसित भारत गारंटी का रोजगार और आजीविका मिशन के बारे में बताया गया कि पूर्व में हमारी ज़रूरतें अलग-अलग तरह की थी जो समय के बदलाव के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था से मिल नहीं खाती थी साथ ही कमजोर मॉनिटरिंग एवं पर्याप्त सत्यापन के कारण पुरी की सरकारों में मनरेगा योजना में कई घोटाले सामने आए।
माननीय प्रभारी मंत्री ने बताया कि इस कानून के को लाने के पीछे मोदी सरकार की अमन शाह है कि हर गरीब को रोजगार मिले उसकी गरिमा का सम्मान हो गरीब जनजाति और पिछड़ों को रोजगार मिले या अधिनियम राम राज्य की स्थापना की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है।
अधिनियम का उद्देश्य ग्रामीण अंचल में ग्रामीणों के जीवन स्तर को और सुधार कर सरकार के खर्च को कौशल सृजन उच्च गुणवत्ता वाली अस्थाई संपत्तियों के सृजन व स्थानीय उद्योगों को केंद्रित करते हुए ग्रामीण विकास को विकसित भारत 2047 के संकल्प से जोड़ा जा सके।
इस बिल में नया फंडिंग मॉडल लागू किया गया है जिसमें केंद्र और राज्यों का खर्च 60 – 40 सामान्य राज्यों में 90 – 10 उत्तर पूर्व पहाड़ी राज्यों में तथा केंद्र शासित प्रदेशों में 100% केंद्र सरकार द्वारा दिया जाएगा इसके अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका का सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ ग्रामीण विकास को नई दिशा देने का कार्य किया जाएगा अधिनियम के लागू होने से गरीब परिवारों को प्रतिवर्ष मनरेगा के 100 दिन के कार्य दिवस को बढ़ाकर 125 दिन रोजगार देने का प्रावधान किया गया है।
वन क्षेत्र में काम करने वाले अनुसूचित जनजाति के कामगारों को 25 दिन अधिक रोजगार मिलेगा मनरेगा में श्रमिकों का भुगतान 15 दिन में किया जाता रहा है जिसे घटकर बीवी जी राम जी अधिनियम के तहत एक सप्ताह के भीतर करने का प्रावधान किया गया है।
यदि किसी कारणवश 125 दिन का रोजगार नहीं दिया गया तो भट्ट जारी किया जाएगा। ऐसा इस बिल में प्रावधान कर दिया गया है इस अधिनियम के अवस्थित कार्यों के बजाय जल सुरक्षा एवं प्रबंधन जिसमें खेती को बढ़ावा मिलेगा आजीविका पर संपत्तियां एवं जलवायु बदलाव से निपटने में सक्षम एवं अस्थाई ग्रामीण बुनियादी ढांचे पर ध्यान दिया जाएगा।
साथ ही सड़कों के निर्माण से बाजार में सुधार आएगा इस अधिनियम में विकसित ग्राम पंचायत योजनाओं शुरूआत की गई, जो राष्ट्रीय स्पेशल फ्रेम वर्क के अनुरूप हाइपर लोकल डाटा आधारित योजना को संभव बनाती है जी0पी0एस0 मोबाइल मॉनिटरिंग के साथ रियल टाइम डेटा अपलोड किया जाएगा तथा ए0आई के माध्यम से धोखाधड़ी की पहचान की जाएगी तकनीकी आधारित पारदर्शिता से भ्रष्टाचार समाप्त होगा।
मनरेगा से इतर इस अधिनियम से ग्रामीण क्षेत्रों में बुवाई / कटाई के दौरान 80 दिनों तक सार्वजनिक कार्य स्थगित किए जाने की व्यवस्था की गई है, ताकि कृषि कार्य में मजदूर उपलब्ध रहे तथा कृषि उत्पादकता लागत में भी कमी आएगी, इसलिए यह योजना मनरेगा से बेहतर सिद्ध होगी।
माननीय मंत्री ने बताया कि इस अधिनियम के से रोजगार की संख्या बढ़ेगी और ग्रामीणों के जीवन स्तर में पहले से अधिक सुधार होगा और भारत विकसित राष्ट्र बनेगा।
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष नीतू सिंह खलीलाबाद के लोकप्रिय सदर विधायक अंकुर राज तिवारी मेहदावल विधानसभा क्षेत्र के माननीय विधायक अनिल तिवारी धनघटा विधानसभा क्षेत्र के माननीय विधायक गणेश चौहान जिला उपाध्यक्ष ज्ञानेंद्र मिश्र ब्रह्मानंद पांडे सदर विधायक प्रतिनिधि उमेश तिवारी समेत जनपद के प्रशासनिक अधिकारी व तहसील स्तरीय अधिकारी कर्मचारी गण मौजूद रहे।
