लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर कानून और संविधान का पालन न करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार लोगों पर दबाव बनाकर काम कर रही है और पुलिस पर उसका कोई नियंत्रण नहीं है, जिससे आम जनता को न्याय नहीं मिल रहा है।सोमवार को लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कई मामलों का जिक्र किया, जिनमें कथित तौर पर समझौते कराए गए हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘जब मुख्यमंत्री आवास और मुख्यमंत्री कार्यालय में समझौते हो रहे हैं तो लोगों को न्याय कैसे मिलेगा?’’उन्होंने बाराबंकी में छात्रों की पिटाई के मामले में हुए समझौते का जिक्र किया। इसके अलावा कौशांबी में पाल समाज की बेटी के साथ हुए अन्याय के मामले में भी न्याय न मिलने और समझौता होने की बात कही। गाजीपुर के एक ताज़ा मामले में भी समझौता होने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी पीड़ितों के साथ खड़ी है, जबकि भाजपा सरकार दबाव डालकर समझौते करा रही है।अखिलेश यादव ने कानपुर के एक कथित माफिया मामले में आईपीएस अधिकारियों पर कार्रवाई न होने को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, ‘‘अगर इस मामले की जांच हो जाए तो पूरी भाजपा की पोल खुल जाएगी। भाजपा राजनीतिक दल नहीं, बल्कि एक गैंग है। जनता इस बात को समझ चुकी है और आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा का सफाया कर देगी।’’
अखिलेश यादव ने युवाओं से जुड़े मुद्दों पर भी बात की। उन्होंने घोषणा की कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर नौकरियों में आउटसोर्सिंग व्यवस्था पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी नौजवानों को पक्की नौकरी और पूरा आरक्षण सुनिश्चित करेगी।उन्होंने भाजपा सरकार पर शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था को बर्बाद करने का भी आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में पर्याप्त प्रोफेसर और स्टाफ नहीं हैं, और मेडिकल की पढ़ाई इतनी महंगी हो गई है कि गरीब परिवारों के बच्चे डॉक्टर नहीं बन सकते। उन्होंने समाजवादी सरकार में बने लखनऊ कैंसर संस्थान में रिसर्च सेंटर बंद करने का भी आरोप लगाया।
अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए उन्हें ‘‘नकलची सीएम’’ बताया, जो दिल्ली में भाजपा सरकार के एजेंडे की नकल करते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘उनके पास उत्तर प्रदेश के लिए कोई कार्ययोजना नहीं है।’’ उन्होंने भाजपा पर नफरत फैलाने और नकारात्मक राजनीति करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि भाजपा को मथुरा के विकास से कोई मतलब नहीं है, जबकि समाजवादी सरकार में वहाँ रोप-वे जैसे कई विकास कार्य हुए थे।उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता तरक्की और रोजगार चाहती है, जो सिर्फ समाजवादी पार्टी ही दे सकती है।
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है और उन्हें पूरा विश्वास है कि जनता भाजपा को हटाकर समाजवादी पार्टी की सरकार बनाएगी।नेपाल में भारतीय पत्रकारों की पिटाई के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह किसी व्यक्ति का नहीं, बल्कि भाजपा सरकार की विदेश नीति की विफलता है। उन्होंने कहा कि पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) एकजुट होकर भाजपा की सांप्रदायिक और नफरत की राजनीति को समाप्त कर देगा और एक नई व्यवस्था स्थापित करेगा।
