लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने देहरादून में त्रिपुरा के एक छात्र की हत्या को नफ़रत से उपजी बेहद घृणित मानसिकता का दुष्परिणाम बताते हुए घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि देश में फैलती विघटनकारी सोच रोज़ किसी न किसी की जान ले रही है और सत्ता के संरक्षण में ऐसे लोग विषबेल की तरह पनप रहे हैं।
अखिलेश यादव ने कहा कि यह केवल एक हत्या नहीं, बल्कि समाज में बढ़ती असहिष्णुता और नफ़रत की राजनीति का भयावह उदाहरण है। उन्होंने आरोप लगाया कि नकारात्मक और हिंसक प्रवृत्ति के तत्वों को सरकारी अभयदान मिला हुआ है, जिससे उनका मनोबल लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसे हालात में देश और देश की एकता-अखंडता गंभीर खतरे में है।
उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में सबसे अधिक ज़रूरी है कि शांति प्रिय और सौहार्दपूर्ण विचार रखने वाले लोग एकजुट हों और अपने बीच मौजूद ऐसे असामाजिक व हिंसक लोगों की पहचान करें। समाज को आगे आकर इन तत्वों का खुला बहिष्कार करना होगा, क्योंकि यदि आज चुप्पी साधी गई तो कल कोई भी नागरिक इनकी हिंसा का शिकार हो सकता है।
अखिलेश यादव ने इस पूरे मामले को अत्यंत गंभीर बताते हुए माननीय सर्वोच्च न्यायालय से स्वतः संज्ञान लेकर पीड़ित को न्याय दिलाने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि न्याय और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए अब निर्णायक हस्तक्षेप आवश्यक हो गया है।
