लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश में निराश्रित गोवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 09 जनपदों में 12 नए गो संरक्षण केन्द्रों के निर्माण हेतु वर्तमान वित्तीय वर्ष में द्वितीय किश्त के रूप में 09 करोड़ 61 लाख 44 हजार रुपये स्वीकृत किए हैं।
स्वीकृत धनराशि का उपयोग मऊ के ताजोपुर, सीतापुर के सराय, हापुड़ के पारपा, हिन्डालपुर और हिम्मतपुर, गौरा (सीतापुर), केवलरामपुर और अख्तियार नगर (शाहजहांपुर), महादेवा (गोण्डा), अंजरौली (अयोध्या), सेमैसा (लखीमपुर खीरी) और बन्धा (जालौन) में गो संरक्षण केन्द्रों की स्थापना के लिए किया जाएगा। प्रत्येक केन्द्र के निर्माण हेतु 80.12 लाख रुपये की धनराशि का प्रावधान किया गया है।
इस संबंध में पशुधन विभाग ने शासनादेश जारी कर निदेशक, प्रशासन एवं विकास पशुपालन विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए हैं। शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि गो संरक्षण केन्द्रों के लिए जारी की गई धनराशि का व्यय नियमों के अनुरूप होना आवश्यक है।
इसके साथ ही व्यय विवरण, उपयोगिता प्रमाण पत्र, भौतिक प्रगति और गुणवत्ता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी निदेशक प्रशासन एवं विकास पशुपालन विभाग की होगी।सरकार का यह कदम प्रदेश में गोवंश संरक्षण की दिशा में एक ठोस प्रयास के रूप में देखा जा रहा है, जिससे न केवल गोवंश की रक्षा होगी बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
