लखनऊ। थाना कैसरबाग पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक महिला का ऑटो में छूटा जेवरों और सामान से भरा बैग सकुशल बरामद कर ईमानदारी का उदाहरण पेश किया है। करीब 110 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर पुलिस ने अज्ञात ऑटो की पहचान की और महिला को उसका पूरा सामान सुरक्षित वापस सौंप दिया।
पुलिस के अनुसार 23 अप्रैल 2026 को प्रार्थिनी रेखा पाल पत्नी रामदास, निवासी लालधाम बुद्धेश्वर ने थाना कैसरबाग में लिखित सूचना दी थी कि वह दुबग्गा से ऑटो में बैठकर कैसरबाग बस अड्डे के पास हाता पुलिस चौकी के सामने उतरी थीं। इस दौरान उनका बैग ऑटो में ही छूट गया था। बैग में कपड़े, आवश्यक वस्तुएं तथा पीली धातु के जेवरात रखे हुए थे। प्रार्थिनी ऑटो का नंबर नहीं बता पा रही थीं, जिससे मामले की चुनौती बढ़ गई थी।
सूचना मिलते ही थाना कैसरबाग पुलिस ने तत्काल टीम गठित कर अज्ञात ऑटो की तलाश शुरू की। पुलिस ने आईटीएमएस कैमरों की मदद से क्षेत्र के लगभग 110 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को बारीकी से खंगाला। लगातार प्रयासों के बाद 25 अप्रैल 2026 को ऑटो संख्या UP32YN2601 की पहचान कर संबंधित महिन्द्रा ऑटो को खोज लिया गया। तलाशी के दौरान ऑटो में छूटा बैग सुरक्षित हालत में बरामद कर लिया गया।
बरामदगी की सूचना मिलने पर प्रार्थिनी रेखा पाल अपने परिजनों के साथ थाना कैसरबाग पहुंचीं। पुलिस की मौजूदगी में बैग को खोला गया, जिसमें रखे सभी कपड़े, आवश्यक वस्तुएं और जेवरात सुरक्षित पाए गए। प्रार्थिनी ने मौके पर ही सामान की पहचान करते हुए पुष्टि की कि बरामद बैग और उसमें रखा सामान उनका ही है। इसके बाद पुलिस ने बैग सहित सभी सामान प्रार्थिनी को सुपुर्द कर दिया और उन्हें परिजनों के साथ सकुशल रवाना किया गया।
बरामद सामान में एक सादी गले की चैन, एक मंगलसूत्र, एक जोड़ी झुमकी तथा कपड़ों सहित एक बैग शामिल है। इस सराहनीय कार्य में उपनिरीक्षक चंदन कुमार मिश्रा, उपनिरीक्षक विशाल सिंह और हेड कांस्टेबल शैलेश सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
थाना कैसरबाग पुलिस की इस तत्परता और ईमानदारी से की गई कार्रवाई से आमजन में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस कार्यवाही की सराहना करते हुए कहा कि तकनीक और सतर्कता के समन्वय से पुलिस ने एक बार फिर जनविश्वास को मजबूत किया है।
