लखनऊ। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा ने अपने वाराणसी भ्रमण के दौरान सर्किट हाउस में नगर विकास एवं ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में शहर के समग्र विकास, स्वच्छता व्यवस्था, जल निकासी और विद्युत आपूर्ति से जुड़े कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए मंत्री ने सभी परियोजनाओं को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के सख्त निर्देश दिए।
आगामी वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए मंत्री ने नालों की सफाई कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी स्थिति में शहर में जलभराव की समस्या उत्पन्न नहीं होनी चाहिए। इसके लिए नगर निगम और जलकल विभाग को आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समयसीमा में सभी नालों की सफाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
उन्होंने कहा कि वर्षा से पूर्व सभी संवेदनशील स्थलों की विशेष निगरानी की जाए, ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
सड़क एवं शहरी सौंदर्यीकरण कार्यों की समीक्षा करते हुए मंत्री ने सड़कों के किनारे इंटरलॉकिंग कार्य को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही अतिक्रमण हटाने के लिए प्रभावी अभियान चलाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि अतिक्रमण से न केवल यातायात प्रभावित होता है, बल्कि शहर की सुंदरता और व्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
उन्होंने निर्देशित किया कि अभियान को नियमित रूप से चलाया जाए, जिससे शहर में सुगमता और सुव्यवस्था सुनिश्चित हो सके।बैठक के दौरान सीएम ग्रिड योजना एवं वैश्विक नगरोदय योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन योजनाओं के माध्यम से वाराणसी में विकास कार्यों को तेजी दी जाए और इनका प्रभाव धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे। उन्होंने कहा कि वाराणसी को एक आधुनिक, स्वच्छ और व्यवस्थित शहर के रूप में विकसित करने के लिए सभी विभागों को समन्वित रूप से कार्य करना होगा।
ऊर्जा विभाग की समीक्षा के दौरान मंत्री ने विद्युत ट्रिपिंग की समस्या पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वाराणसी के किसी भी क्षेत्र में बार-बार होने वाली ट्रिपिंग की समस्या स्वीकार्य नहीं है और इसे तत्काल दूर किया जाए। निर्बाध और सुचारु विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक तकनीकी और प्रबंधकीय उपाय अपनाने को कहा गया। इसके अतिरिक्त अंडरग्राउंड केबलिंग कार्य की प्रगति की जानकारी लेते हुए इसमें तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि बढ़ती विद्युत मांग को ध्यान में रखते हुए योजनाबद्ध ढंग से कार्य किया जाए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
बैठक में उपभोक्ता हितों को प्राथमिकता देते हुए मंत्री ने कई महत्वपूर्ण निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि एक किलोवाट तक के विद्युत कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं का कनेक्शन नेगेटिव बैलेंस होने पर भी नहीं काटा जाएगा। इसके साथ ही दो किलोवाट तक के उपभोक्ताओं को अधिकतम 200 रुपये तक की रियायत प्रदान की जाएगी।
उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी उपभोक्ता का कनेक्शन काटने से पहले अनिवार्य रूप से पांच चरणों में एसएमएस अलर्ट भेजे जाएं, ताकि उपभोक्ता को समय रहते जानकारी मिल सके। साथ ही रविवार एवं अन्य सार्वजनिक अवकाशों पर नेगेटिव बैलेंस की स्थिति में भी विद्युत आपूर्ति बाधित न किए जाने के निर्देश दिए गए।
बैठक के अंत में मंत्री ने कहा कि वाराणसी एक महत्वपूर्ण धार्मिक और पर्यटन नगरी है, इसलिए यहां की सभी व्यवस्थाएं उच्च स्तर की होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी कार्य पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूर्ण किए जाएं, ताकि नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और शहर का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।
बैठक में मेयर अशोक तिवारी, पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक शंभू कुमार, नगर विकास विभाग के अधिकारी हिमांशु नागपाल, अपर नगर आयुक्त सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
