•तीन शातिर गिरफ्तार, धोखाधड़ी की रकम से खरीदे गए एसी और एलईडी टीवी बरामद।
लखनऊ। पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ के दक्षिणी जोन अंतर्गत थाना मोहनलालगंज पुलिस ने मृत व्यक्ति के नाम का दुरुपयोग कर फर्जी बैनामा के माध्यम से कृषि भूमि विक्रय करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों के कब्जे से धोखाधड़ी से प्राप्त धनराशि से खरीदा गया एक एसी और एक एलईडी टीवी भी बरामद किया गया है।
थाना मोहनलालगंज में ग्राम उदयपुर निगोहा स्थित कृषि योग्य भूमि के संबंध में फर्जी बैनामा कराए जाने के आरोप में मुकदमा संख्या 562/2024 अंतर्गत बीएनएस की सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया था। वादिनी विमला सिंह द्वारा दी गई सूचना में बताया गया कि उनके स्वर्गीय पति अवधराज सिंह के नाम दर्ज कृषि भूमि को मृतक के नाम का दुरुपयोग करते हुए कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर बैनामा करा लिया गया है।
जांच के दौरान राजस्व अभिलेखों के अवलोकन से यह तथ्य सामने आया कि गाटा संख्या 296, रकबा 0.449 हेक्टेयर भूमि आशालता वर्मा और स्वर्गीय अवधराज सिंह के नाम सह-खातेदार के रूप में दर्ज थी, जबकि अवधराज सिंह की मृत्यु 16 फरवरी 2023 को हो चुकी थी। इसके बावजूद अभियुक्तों ने एक फर्जी व्यक्ति को मृतक अवधराज सिंह के रूप में प्रस्तुत कर भूमि का विक्रय कर दिया।
विवेचना में यह स्पष्ट हुआ कि राजकुमार, ज्ञानेन्द्र राजपूत और सर्वेश द्वारा आपराधिक षड्यंत्र के तहत एक अज्ञात व्यक्ति को अवधराज सिंह के नाम से विक्रेता बनाकर प्रस्तुत किया गया। फर्जी आधार कार्ड, फर्जी फोटो और अन्य कूटरचित दस्तावेज तैयार कर 18 जुलाई 2024 को उपनिबंधक कार्यालय मोहनलालगंज में लगभग 17 बिस्वा भूमि का बैनामा कराया गया। बैनामा प्रक्रिया के दौरान एक अन्य फर्जी व्यक्ति को भूपेन्द्र नाथ के नाम से गवाह के रूप में खड़ा किया गया।
इतना ही नहीं, मृतक अवधराज सिंह के नाम पर बैंक ऑफ महाराष्ट्र की कल्ली पश्चिम शाखा में फर्जी आधार कार्ड के माध्यम से बैंक खाता खुलवाया गया, जिसमें भूमि क्रेता द्वारा दी गई धनराशि जमा कराई गई।जांच में यह भी सामने आया कि इस पूरे प्रकरण में क्रेता हेतराम पाल निवासी शारदा नगर, आशियाना स्वयं ठगा गया पीड़ित है। उसके द्वारा भूमि क्रय के लिए कुल 7 लाख 20 हजार रुपये विभिन्न चेकों और नकद माध्यम से दिए गए, जिसे अभियुक्तों ने धोखाधड़ी से हड़प लिया।
विवेचना के दौरान यह तथ्य भी उजागर हुआ कि फर्जी अवधराज सिंह के बैंक खाते से 29 जुलाई 2024 को 45 हजार 500 रुपये नारायन इलेक्ट्रॉनिक्स के नाम ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के माध्यम से खर्च किए गए। दुकान मालिक से पुष्टि होने पर पता चला कि उक्त तिथि को राजकुमार द्वारा एक वोल्टाज कंपनी का 1.5 टन एसी और एक टेलिविस्टा कंपनी का 32 इंच एलईडी टीवी खरीदा गया था, जिसका भुगतान फर्जी बैंक खाते से किया गया था।पुलिस जांच में अभियुक्तों द्वारा उपयोग किए गए मोबाइल नंबरों के माध्यम से आपसी संपर्क, लोकेशन साझा करने और फर्जी पहचान के आधार पर बैंकिंग व खरीदारी किए जाने के ठोस साक्ष्य भी सामने आए हैं।
समग्र विवेचना से यह निष्कर्ष निकला है कि अभियुक्तों ने संगठित गिरोह बनाकर मृत व्यक्ति के नाम की भूमि को धोखाधड़ीपूर्वक विक्रय कर गंभीर और जघन्य अपराध को अंजाम दिया।कार्रवाई के क्रम में 17 जनवरी 2026 को अभियुक्त राजकुमार को बेलहिया खेड़ा थाना मोहनलालगंज क्षेत्र से एक एसी और एक एलईडी टीवी के साथ गिरफ्तार किया गया।
इसके बाद 18 जनवरी 2026 को अभियुक्त ज्ञानेन्द्र राजपूत को अतरौली क्रॉसिंग थाना मोहनलालगंज से और अभियुक्त सर्वेश को रायसिंह खेड़ा थाना बिजनौर क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। अन्य फरार अभियुक्तों, फर्जी विक्रेता और फर्जी बैंक खाताधारक की तलाश लगातार जारी है
