लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के शीतकालीन सत्र के चौथे दिन उप मुख्यमंत्री और नेता सदन केशव प्रसाद मौर्य ने सदन में सरकार की आर्थिक स्थिति, आरक्षण व्यवस्था और लोकतांत्रिक मर्यादाओं को लेकर विस्तृत वक्तव्य दिया।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था लगातार सुदृढ़ हो रही है और समर्थ उत्तर प्रदेश तथा समृद्ध उत्तर प्रदेश की परिकल्पना तेजी से साकार हो रही है। सरकार गरीबों, किसानों, युवाओं, महिलाओं और श्रमिकों सहित समाज के हर वर्ग के विकास के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है।
सदस्यों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का उत्तर देते हुए उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आरक्षण के मामलों में सभी नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जा रहा है और किसी भी स्थिति में किसी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि यदि कहीं एक भी पद है तो वहां भी आरक्षण की चोरी नहीं होने दी जाएगी। नौकरियों से संबंधित विज्ञापनों के प्रकाशन में नियमानुसार आरक्षण का स्पष्ट उल्लेख अनिवार्य रूप से किया जाना चाहिए।
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि संविधान भी सुरक्षित है और आरक्षण भी पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने सदन को बताया कि पिछड़े वर्गों के लिए 27 प्रतिशत, अनुसूचित जाति के लिए 21 प्रतिशत, अनुसूचित जनजाति के लिए 2 प्रतिशत और आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था लागू है, और इसके साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ किसी भी दशा में नहीं होने दी जाएगी।
सदन की कार्यवाही और अनुशासन को लेकर उन्होंने कहा कि पीठ के निर्देशों का पालन सभी सम्मानित सदस्यों को करना चाहिए, यही लोकतंत्र की मर्यादा है। देश संविधान से चलता है, संविधान ने सभी को अधिकार दिए हैं और सदन नियमों के अनुसार संचालित होता है।
उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष के हर सवाल का जवाब दिया जाएगा और सभी सदस्यों का सम्मान किया जाएगा।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि विधान परिषद एक उच्च और ऐतिहासिक सदन है, इसलिए पीठ के सम्मान और सदन की गरिमा का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि लोकतांत्रिक परंपराओं और संसदीय मर्यादाओं के अनुरूप सदन की कार्यवाही आगे बढ़ेगी।
