के के मिश्रा संवाददाता।
संत कबीर नगर। जिला मुख्यालय स्थित डाक बंगले में आयोजित प्रेस वार्ता में ग्राम्य विकास राज्य मंत्री एवं जनपद प्रभारी मंत्री विजयलक्ष्मी गौतम ने महिला आरक्षण विधेयक को लेकर विपक्षी दलों कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और टीएमसी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि इन दलों ने संसद में महत्वपूर्ण विधेयकों का विरोध कर “देश की आधी आबादी के साथ विश्वासघात” किया है और अपनी “महिला विरोधी मानसिकता” को उजागर किया है।
मंत्री गौतम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को नीति निर्माण में भागीदारी देना कोई उपकार नहीं, बल्कि उनका अधिकार है। उन्होंने यह भी कहा कि जो दल इस ऐतिहासिक अवसर में बाधा बने हैं, उन्हें आने वाले चुनावों में महिलाओं के आक्रोश का सामना करना पड़ेगा।
हालांकि प्रेस वार्ता के दौरान मंत्री का पूरा जोर विपक्ष की आलोचना पर ही केंद्रित रहा। उन्होंने बार-बार तैयार वक्तव्य के आधार पर विपक्षी दलों पर निशाना साधा, लेकिन जमीनी स्तर पर महिलाओं की सुरक्षा, न्याय और सशक्तिकरण से जुड़े सवालों पर कोई ठोस जवाब सामने नहीं आया।
यह सवाल भी उठता है कि महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विधेयक के पारित हो जाने भर से क्या उन महिलाओं को वास्तविक न्याय मिल पाएगा, जो आज भी अपने अधिकारों के लिए प्रशासन के दरवाजे खटखटाने को मजबूर हैं। प्रदेश और देश में कई ऐसे उदाहरण सामने आते रहे हैं, जहां महिलाओं को समय पर न्याय नहीं मिल सका; ऐसे में केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से स्थिति कितनी बदलेगी, यह विचारणीय है।
प्रेस वार्ता के दौरान मंत्री ने यह भी कहा कि विपक्षी दलों को डर है कि महिलाओं को अधिकार मिलने से उनकी राजनीतिक जमीन खिसक जाएगी। वहीं उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की ओर से महिला सशक्तिकरण और लोकतंत्र को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
प्रेस वार्ता में जहां एक ओर बड़े-बड़े राजनीतिक दावे किए गए, वहीं स्थानीय स्तर पर महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर ठोस रोडमैप का अभाव साफ नजर आया। जिससे यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या यह मुद्दा केवल राजनीतिक बहस तक ही सीमित रह जाएगा या वास्तव में जमीनी बदलाव भी देखने को मिलेगा।
प्रेस वार्ता में भाजपा जिलाध्यक्ष नीतू सिंह, सदर विधायक अंकुर राज तिवारी, मेहदावल विधायक अनिल त्रिपाठी, पार्टी उपाध्यक्ष अमर राय सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
