प्रयागराज। करछना थाना क्षेत्र में सेना के एक जवान को दरोगा और उसके साथियों ने पीट-पीटकर मार डाला। स्कॉर्पियो ओवरटेक करने को लेकर झगड़ा हुआ। इसके बाद दरोगा और उसके साथियों ने लोहे की रॉड से सेना के जवान को बुरी तरह से पीटना शुरू कर दिया। इसमें सेना का जवाल खून से लथपथ हो गया। इस बीच दरोगा और उसके साथी भाग गए। सूचना पर पहुंचे घरवालों ने पुलिस को जानकारी दी।
पुलिस ने घायल जवान को सेना के अस्पताल भेज दिया। वहां इलाज के दौरान सोमवार को उसकी मौत हो गई। जवान के पिता की शिकायत पर दरोगा समेत 5 लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार करछना के धरवारा निवासी विवेक सिंह (28) सेना के इंटेलिजेंस विभाग में दिल्ली में तैनात थे। उनके पिता उमाकांत सिंह भी सेना से सूबेदार पद से रिटायर हुए हैं। विवेक 2 भाइयों में छोटे थे। 3 साल पहले ही उनकी शादी प्रतिभा से हुई थी। उनका 2 साल का बेटा वेदांत है।
विवेक चचेरी बहन की शादी में शामिल होने 28 नवंबर को छुट्टी लेकर घर आया था। 29 नवंबर को बहन की शादी थी। शादी की रात देर तक वह अपने गांव के 2 दोस्तों विनय जैन और करन के साथ कार से कोहड़ार बाजार गया था। वहां उसने विनय को कोहड़ार घाट छोड़ दिया। इसके बाद वह कार से करन सिंह के साथ धरवारा स्थित अपने घर लौट रहा था।
रात करीब 2 बजे धरवारा मोड़ के पास बारात से लौट रहे स्कॉर्पियो सवार कुछ युवकों से गाड़ी ओवरटेक करने को लेकर कहासुनी हो गई। मौके पर मौजूद लोगों ने मामला शांत करा दिया। इसके बाद विवेक अपनी कार में बैठने लगा। तभी स्कॉर्पियो सवार दिनेश कुमार यादव, राजीव कुमार ठाकुर, राजू अग्रहरि, भाई लाल यादव और यूपी पुलिस का दरोगा राजकमल पांडेय नीचे उतरे।
इन सभी ने विवेक को कार से खींचकर बाहर निकाल लिया। इसके बाद असलहों और लोहे की रॉड से उसके सिर पर हमला कर दिया। करन सिंह ने विवेक को पिटता देख मदद के लिए गांव की ओर दौड़ लगा दी। इसी बीच हमलावर विवेक को मरा समझकर मौके से भाग गए।गांव वालों की मदद से विवेक को प्रयागराज के एक अस्पताल ले जाया गया। वहां उसकी गंभीर हालत देखते हुए मिलिट्री हॉस्पिटल, लखनऊ रेफर कर दिया गया। वहां सोमवार को विवेक की मौत हो गई।
इसके बाद फौजी विवेक सिंह की हत्या करने वालों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर घरवालों और ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया। कहा कि जब तक हत्यारों को पकड़ा नहीं जाएगा, तब तक अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। इसके बाद पुलिस ने पुलिस ने वाहन नंबर के आधार पर राजीव कुमार (सेना का हवलदार), राजकमल पांडेय (दरोगा), दिनेश कुमार यादव, राजीव अग्रहरि, भाई लाल यादव को गिरफ्तार कर लिया। सभी हमलावर नैनी के चाका रहने वाले हैं।
