लखनऊ। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) में वर्षों से कार्यरत संविदा कर्मचारियों की स्थायी समायोजन की मांग अब केवल मांग नहीं, बल्कि जीवन-यापन और सेवा-सुरक्षा का प्रश्न बन चुकी है।
उत्तर प्रदेश क्षय रोग वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक (संविदा) संघ ने इस संबंध में मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को पत्र/ज्ञापन भेजकर कर्मचारियों के स्थायी समायोजन, सेवा सुरक्षा और मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने की भावपूर्ण अपील की है।
संघ का कहना है कि एनटीईपी के अंतर्गत कार्यरत ये संविदा कर्मचारी टीबी मुक्त भारत के संकल्प को जमीन पर उतारने वाले वे कर्मवीर हैं, जो वर्षों से राज्य के गांव-गांव, कस्बे-कस्बे में निरंतर कार्य कर रहे हैं। इन कर्मचारियों की जिम्मेदारियों में मरीजों की पहचान, जांच, उपचार, दवा वितरण, उपचार के बाद निगरानी, रिपोर्टिंग, संपर्क जांच, तथा जन-जागरूकता जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं।
संघ ने ज्ञापन में उल्लेख किया कि जब कोविड जैसी आपदा ने पूरे देश की व्यवस्था को चुनौती दी थी, तब भी ये कर्मचारी बिना रुके—बिना पीछे हटे—जनसेवा और स्वास्थ्य सुरक्षा की लड़ाई में दिन-रात डटे रहे। यही नहीं, इन कर्मचारियों की मेहनत से उत्तर प्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर सराहनीय उपलब्धियां और बेहतर प्रदर्शन भी हासिल किया।
लेकिन दुखद यह है कि इतनी लंबी सेवा के बाद भी ये कर्मचारी आज तक संविदा व्यवस्था की अस्थिरता में कार्य करने को विवश हैं।
संघ का कहना है कि लगातार वर्षों से सेवा देने के बावजूद, आज भी कर्मचारियों को भविष्य की अनिश्चितता, आर्थिक दबाव, और मानसिक तनाव झेलना पड़ रहा है।
ज्ञापन में सरकार से मुख्य रूप से मांग की गई है कि—
एनटीईपी के लिए स्थायी पद सृजित कर स्थायी समायोजन किया जाए
एक समान, समयबद्ध और सम्मानजनक मानदेय नीति लागू की जाए
संविदा कर्मियों को सेवा सुरक्षा दी जाए
भविष्य निधि, स्वास्थ्य सुरक्षा, अवकाश और अन्य आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं
संघ के प्रदेश अध्यक्ष शंकर मिश्र ने कहा—“हम सभी कर्मचारी वर्षों से ईमानदारी और निष्ठा के साथ जनसेवा कर रहे हैं। सरकार हम पर कृपा करे, पद सृजित कर हमें स्थायी रूप से समायोजित करे। यह केवल कर्मचारियों का विषय नहीं है, यह प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था और जनहित से जुड़ा मुद्दा है।”
उन्होंने मुख्यमंत्री से विनम्र आग्रह किया कि मानवता, न्याय और जनहित को ध्यान में रखते हुए सरकार इस विषय पर शीघ्र निर्णय ले और संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी करे, ताकि वर्षों से सेवा दे रहे कर्मियों को सम्मान के साथ स्थायित्व मिल सके और प्रदेश का एनटीईपी तंत्र और अधिक मजबूत बन सके।
संघ ने आशा जताई है कि मुख्यमंत्री जी इस गंभीर और मानवीय विषय पर संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल आदेश जारी करेंगे, ताकि वर्षों से सेवा में लगे टीबी संविदा कर्मियों का स्थायी समायोजन सुनिश्चित हो सके।
