वाराणसी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में आयोजित महिला सम्मेलन में भाग लेते हुए लगभग 6,350 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने महिलाओं को ‘विकसित भारत’ का सबसे मजबूत स्तंभ बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार देश की नीति-निर्माण प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि “एक विकसित भारत के निर्माण का मिशन निरंतर जारी है और जब मैं विकसित भारत की बात करता हूं, तो उसका सबसे मजबूत आधार भारत की नारी शक्ति है।
महिला आरक्षण पर मांगा समर्थन:- प्रधानमंत्री ने लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि वह इस महत्वपूर्ण लक्ष्य को पूरा करने के लिए देश की माताओं-बहनों का आशीर्वाद चाहते हैं।
उन्होंने कहा,“काशी से सांसद और देश के प्रधानमंत्री के रूप में मैं राष्ट्रीय हित के इस बड़े लक्ष्य को पूरा करने के लिए आपका आशीर्वाद चाहता हूं। महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी।”
महिला सशक्तिकरण सरकार की प्राथमिकता:- प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार की नीतियों में हमेशा महिलाओं के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्षों में 12 करोड़ से अधिक शौचालय बनाए गए। 30 करोड़ से अधिक महिलाओं के बैंक खाते खोले गए। 12 करोड़ घरों तक नल से जल पहुंचाया गया। करोड़ों महिलाओं को उज्ज्वला, मुद्रा और आयुष्मान जैसी योजनाओं से जोड़ा गया।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुविधा, सुरक्षा और आर्थिक भागीदारी बढ़ाने पर सरकार ने विशेष ध्यान दिया है।
महिलाओं की आर्थिक ताकत पर जोर:- प्रधानमंत्री ने कहा कि जब महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है तो परिवार और समाज दोनों मजबूत होते हैं। उन्होंने बताया कि पिछले 11 वर्षों में करीब 10 करोड़ महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा गया, जिनमें काशी की लगभग 1.25 लाख महिलाएं शामिल हैं।
उन्होंने कहा,“देश में अब तक 3 करोड़ बहनें ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं।” डेयरी क्षेत्र से जुड़ी महिलाओं को लाभ। प्रधानमंत्री ने बनास डेयरी से जुड़ी महिलाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि उन्हें बोनस के रूप में 106 करोड़ रुपये सीधे खातों में भेजे गए हैं। उन्होंने महिलाओं से डेयरी क्षेत्र में और आगे बढ़ने का आह्वान किया।
विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात:-कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने वाराणसी और पूर्वांचल के लिए कई बड़ी परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इनमें प्रमुख हैं—गंगा पर सिग्नेचर ब्रिज500 बेड का मल्टी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल100 बेड का क्रिटिकल केयर ब्लॉक किसान भंडारण केंद्र। महिला छात्रावास। वृद्धा। श्रम। सड़क एवं कनेक्टिविटी परियोजनाएं:- इसके अलावा काशी और अयोध्या को देश के अन्य शहरों से जोड़ने के लिए अमृत भारत ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाई गई।
नारी शक्ति को बताया राष्ट्र निर्माण की धुरी:- प्रधानमंत्री ने कहा कि आज महिलाएं केवल परिवार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि—बैंकिंग सखीकृषि सखीबीमा सखीड्रोन दीदीजैसी नई भूमिकाओं में देश के विकास की अग्रिम पंक्ति में खड़ी हैं।
उन्होंने कहा,“हमारी सरकार का अर्थ है— महिला सशक्तिकरण, महिलाओं का उत्थान और महिलाओं का जीवन आसान बनाना।”
काशी के विकास को बताया निरंतर अभियान:- संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि काशी की तरह विकास का यह अभियान भी निरंतर चलता रहेगा।
उन्होंने कहा,“हमारी काशी अविनाशी है और निरंतर गतिशील रहती है, ठीक उसी तरह यह विकास यात्रा भी निरंतर आगे बढ़ती रहेगी।”
