:लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में वीडियो कॉल से रैगिंग करने पर 9 छात्र निलंबित कर दिया गया है। रैगिंग पर प्रशासन ने सख्ती की तो सीनियर छात्रों ने इसका तरीका ही बदल दिया। एमबीबीएस और बीडीएस के सीनियर स्टूडेंट्स पर आरोप लगा है कि वो अपने जूनियर्स को रात में वीडियो कॉल करते हैं और उन्हें नाचने, गाने और बताए गया काम करने पर मजबूर करते हैं और मना करने पर अगले दिन इनसे अभद्र व्यवहार की जाती है।
इंडक्शन कार्यक्रम के बाद एमबीबीएस फर्स्ट ईयर के छात्र कतार में हॉस्टल जा रहे थे। तभी वहां बाइक से गुजरे एमबीबीएस 2023 बैच के छात्रों ने वीडियो कॉल न उठाने पर जूनियरों को धमकाया। इस पर सुरक्षाकर्मियों ने दो छात्रों को पकड़कर प्रॉक्टर ऑफिस भेजा। शिकायत पर हुई जांच में यह बात सही निकली।
रैगिंग का खुलासा होने के बाद केजीएमयू प्रशासन ने आरोपी नौ छात्रों को तीन महीने के लिए सस्पेंड कर दिया है और हॉस्टल से भी निकाल दिया है। इस मामले में एंटी रैगिंग सेल रैगिंग की सुनवाई करेगी, इसके बाद तय किया जाएगा कि उन्हें दोबारा क्लास और हॉस्टल वापस आने दिया जाए की नहीं।
केजीएमयू प्रवक्ता प्रो. सुधीर सिंह ने बताया कि रैगिंग करने की वजह से आठ एमबीबीएस द्वितीय वर्ष और एक बीडीएस द्वितीय वर्ष के स्टूडेंट्स को सस्पेंड किया गया है।
आपको बता दें कि केजीएमयू में एमबीबीएस प्रथम वर्ष के स्टूडेंट्स को एसबी हॉस्टल के रूम आवंटित किए गए हैं। प्रॉक्टर प्रो. क्षितिज श्रीवास्तव ने बताया कि हॉस्टल के स्टूडेंट्स को काफी सख्त निगरानी में रखा जाता है। रोजाना गार्ड और बाउंसरों की निगरानी में स्टूडेंट्स क्लास करने भेजे जाते है। क्लास के बाद हॉस्टल लौटते वक्त भी गार्ड साथ ही रहते हैं। इसकी वजह से हॉस्टल से क्लास के बीच किसी स्टूडेंट्स के साथ रैगिंग करना संभव नहीं हो पाता है।
