जालौन के कुठौंद थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय ने खुद को गोली से उड़ा लिया। इस मामले में अब नया मोड़ आ गया है। घटना के बाद महिला सिपाही कमरे से निकलकर भागती नजर आ रही है। यह पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। जिसको लेकर अब तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं।
जालौन के कुठौंद थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय की संदिग्ध हालात में सर्विस रिवॉल्वर से मौत के बाद मामला पेचीदा हो गया है। घटना के वक्त कमरे में मौजूद रही महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा की भूमिका पर सवाल खड़े हो गए हैं। परिवार हत्या का आरोप लगा रहा है।
यूपी के जालौन जिले में कुठौंद थाने के प्रभारी इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय की मौत ने पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है। शुक्रवार देर रात उन्होंने अपने सरकारी क्वार्टर में सर्विस रिवॉल्वर से गोली चला ली। गोली सीधे सिर में लगी और आर-पार निकल गई। घटना के तुरंत बाद वहां मौजूद महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा चीखते हुए बाहर आई। उसने अन्य पुलिसकर्मियों को सूचना दी कि साहब ने खुद को गोली मार ली है। इसके बाद वह घटनास्थल पर रुके बिना वहां से भागती दिखाई दी। जिसकी पुष्टि थाने के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज से हुई है।
घटना की जानकारी मिलते ही उच्च अधिकारी मौके पर पहुंचे। जालौन एसपी दुर्गेश कुमार का कहना है कि महिला सिपाही ने सबसे पहले घटना की सूचना दी थी। उन्होंने कहा कि मीनाक्षी की भूमिका संदिग्ध लगने पर उससे लगातार पूछताछ की जा रही है। सभी साक्ष्यों की बारीकी से जांच की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, मौके से बरामद रिवॉल्वर और कमरे की स्थिति की भी फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है।
भतीजे ने लगाया हत्या का आरोप, पत्नी की तहरीर पर केस दर्ज कर रही पुलिस
इस बीच, इंस्पेक्टर के परिजन घटना को आत्महत्या मानने से इनकार कर रहे हैं। मृतक के भतीजे प्रशांत ने आरोप लगाया कि यह सीधा-सीधा मर्डर है। उनके चाचा को साजिश के तहत मारा गया है। परिवार शनिवार सुबह संत कबीरनगर से जालौन पहुंचा। शव देखकर पत्नी बेसुध हो गईं। जिन्हें महिला सीओ ने संभाला। पत्नी की तहरीर पर पुलिस ने महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया है।
हत्या और आत्महत्या दोनों पहलुओं पर जांच कर रही पुलिस
फिलहाल पुलिस आत्महत्या और हत्या—दोनों पहलुओं पर जांच कर रही है। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल रिकॉर्ड और कॉल डिटेल्स इस केस के अहम सबूत माने जा रहे हैं। जिले में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं जारी हैं। पुलिस पर मामले को निष्पक्ष रूप से सुलझाने का दबाव बढ़ गया है।
