हरिद्वार (उत्तराखंड) से शैलेंद्र कुमार की रिपोर्ट।
हरिद्वार-सिडकुल। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूती देते हुए भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड हरिद्वार ने अपनी 50वीं सुपर रैपिड गन माउंट नेवल गन का निर्माण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।
शुक्रवार को बीएचईएल कार्यपालक निदेशक रंजन कुमार ने इस अत्याधुनिक नेवल गन को हरी झंडी दिखाकर मुंबई के लिए रवाना किया।स्वेदेशी नेवल गन भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस महेंद्र गिरी पर स्थापित की जाएगी।
बीचएचईएल पिछले तीन दशकों से नौसेना के लिए इन गधों का निर्माण कर रहा है। अब तक 49गन की सफल आपूर्ति की जा चुकी हैं।यह 50वीं गन संस्थान के उपलब्धियों की श्रृंखला में हैं।
महाप्रबंधक राजीव चौरसिया ने गन तकनीकी विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह 35 किलोमीटर के दायरे में सटीक वार कर सकती हैं। यह हवा, पानी और समुद्र की सतह पर मौजूद लक्ष्यों को भेदने में सक्षम हैं। लक्ष्य की दूरी और स्थिति के आधार पर यह उपयुक्त गोला-बारूद का चयन करने में सक्षम हैं।
कार्यपालक निदेशक रंजन कुमार ने कहा कि इस नेवल गन का निर्माण रक्षा क्षेत्र में भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। यह हर बीएचईएल कर्मी के लिए गर्व का विषय है कि हम देश की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा में अपना योगदान दे रहे हैं।
इस अवसर पर भारतीय नौसेना के प्रतिनिधि, बीएचईएल के वरिष्ठ अधिकारी, रक्षा और एयरोस्पेस विभाग की टीम और यूनियन व एसोशिएशन के पदाधिकारी मौजूद रहे।
