•भेदभाव बढाने वाला नियम वापस ले सरकार- नवीन दूबे
बस्ती। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नये दिशा निर्देशों को लेकर सर्वण समाज और छात्रों में आक्रोश का माहौल है। मंगलवार को मालवीय रोड स्थित ब्राम्हण महासभा परिसर में जिलाध्यक्ष नवीन दूबे ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि जब तक यूजीसी का नया नियम वापस नहीं लिया जाता, तब तक विरोध जारी रहेगा।
ब्राम्हण महासभा जिलाध्यक्ष नवीन दूबे ने कहा कि यूजीसी का नया कानून शिक्षा के क्षेत्र में असमानता बढ़ाएगा और विभिन्न वर्गों के बीच टकराव की स्थिति पैदा करेगा। मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन किया जाएगा।
कहा कि अच्छा हो कि सरकार असमानता फैलाने वाला कानून वापस ले। यूजीसी एक्ट 2026 के तहत बनाए गए कुछ प्रावधानों को संविधान विरोधी एवं सामाजिक सौहार्द के लिए घातक बताते हुए नबीन दूबे ने कहा कि नियम सभी छात्रों पर समान रूप से लागू किए जाएं। किसी भी जाति या वर्ग को न तो विशेषाधिकार मिले और न ही किसी को पूर्वाग्रह के आधार पर संदेह की दृष्टि से देखा जाए।
प्रेस वार्ता के दौरान मुख्य रूप से उपेन्द्र शुक्ल, सौरभ दूबे, अंकित त्रिपाठी, रोशन पाण्डेय, संजय शुक्ल, दुर्गेशधर द्विवेदी, विवेक मिश्र के साथ ही ब्राम्हण महासभा के अनेक पदाधिकारी शामिल रहे।
