•मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा पर जगद्गुरु रामभद्राचार्य बोले— “संकल्प हुआ साकार”

बस्ती। जनपद के बढ़नी मिश्र स्थित महर्षि वशिष्ठ आश्रम में आयोजित गुरु वशिष्ठ रामायण कथा के चौथे दिन शनिवार को आध्यात्मिक वातावरण चरम पर रहा। कथा का वाचन कर रहे जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि उन्होंने संकल्प लिया था कि बढ़नी मिश्र में गुरु वशिष्ठ का भव्य मंदिर बनेगा और वे स्वयं उसकी प्राण-प्रतिष्ठा करेंगे। अब वह संकल्प पूर्ण हो चुका है, जो उनके लिए अत्यंत भावनात्मक क्षण है।

“संसार के सबसे बड़े धनवान गुरु वशिष्ठ”
कथा के दौरान जगद्गुरु ने श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न की शिक्षा-दीक्षा का विस्तार से वर्णन करते हुए कहा कि संसार में सबसे बड़े धनवान गुरु वशिष्ठ हैं, क्योंकि उन्हें प्रभु श्रीराम सहित चारों भाइयों को शिक्षित करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि सांसारिक धन नश्वर है, परन्तु ज्ञान और संस्कार अमर हैं। बढ़नी मिश्र की यह भूमि धन्य है, जहां चारों भाइयों ने शिक्षा प्राप्त की।
राम चरित्र का श्रवण कभी तृप्त नहीं करता
काल के प्रकार, सुख-दुःख के कारण और रामकथा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि राम की मंगलकारी कथा का श्रवण हर्ष का विषय है, परंतु इसके श्रवण से कभी तृप्त नहीं होना चाहिए। इस संदर्भ में उन्होंने गोस्वामी तुलसीदास की चौपाई उद्धृत की—
“राम चरित जे सुनत अघाहीं। रस बिसेष जाना तिन्ह नाहीं।।
जीवनमुक्त महामुनि जेऊ। हरि गुन सुनहिं निरंतर तेऊ।।”
पूजन, माल्यार्पण और जनप्रतिनिधियों की सहभागिता
पादुका पूजन में मयंक पाण्डेय, सर्वजीत, रणजीत, ज्ञानेन्द्र पाण्डेय, संजय मिश्रा, विजय कुमार मिश्रा एवं डॉ. तुलिका त्रिपाठी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
माल्यार्पण करने वालों में पूर्व जिलाधिकारी ओ.एन. सिंह, चंद्र प्रकाश मिश्रा, मनोज मिश्रा, नितिन मिश्रा, रजनीश मिश्रा, एम.पी. दुबे, श्रीमती मीरा त्रिपाठी, श्रीमती संगीता पाण्डेय, रवि प्रकाश मिश्रा, विष्णु प्रकाश मिश्रा, अर्चना ओझा एवं निर्भय कुमार द्विवेदी सहित अनेक गणमान्य लोग शामिल रहे।
तुलसी पीठ के उत्तराधिकारी आचार्य रामचन्द्र दास जी महाराज ने कथा आयोजक राणा दिनेश प्रताप सिंह का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि बढ़नी मिश्र में आयोजित यह वशिष्ठ रामायण कथा विश्व पटल पर अपनी पहचान बनाएगी।
मुख्य यजमान चन्द्र भूषण मिश्रा, नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीलम सिंह राना, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रमापति राम त्रिपाठी, विधायक रवि सोनकर, भाजपा नेता वीरेंद्र मिश्रा सहित अनेक जनप्रतिनिधि और हजारों श्रद्धालु कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
सांस्कृतिक संध्या में भक्ति रस की सरिता
संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश के कलाकारों— शशिकांत दूबे, प्रवीण सिंह, साक्षी मिश्रा, लक्ष्मी यादव, कृषा निगम, महक व वसुधा सिंह ने बधावा लोकनृत्य प्रस्तुत कर वातावरण भक्तिमय बना दिया।
प्रभा त्रिपाठी, मोहिनी द्विवेदी और श्याम बैरागी (लखनऊ) ने भक्ति गीतों— “कैसे ढूंढूं मैं गुरुवर पता आपका”, “राम जी से पूछे जनकपुर के नई लोगवा”, “राम सिया राम” आदि की प्रस्तुति से पंडाल को भावविभोर कर दिया।
कार्यक्रम संयोजक दिनेश प्रताप सिंह ने सभी कलाकारों को गुरुजी की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया। सांस्कृतिक संध्या का संचालन मास्टर शिव ने किया।
बढ़नी मिश्र में | कथा में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़, भक्ति गीतों से गूंजा पंडाल
