नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रविवार को गुजरात सेमीकनेक्ट कॉन्फ्रेंस 2026 में देश के भविष्य को लेकर बड़ा रोडमैप पेश किया। उन्होंने कहा कि भारत का सेमीकंडक्टर मिशन अब अपने दूसरे चरण यानी सेमीकॉन 2.0 में प्रवेश कर रहा है। इस नए चरण का मुख्य फोकस डीप टेक स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना और देश में एक मजबूत डिजाइन इकोसिस्टम तैयार करना है।
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि सेमीकॉन 1.0 का मुख्य लक्ष्य भारत में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स लगाना था। सरकार को इसमें बड़ी सफलता मिली है। अब देश में कुल 10 प्लांट हैं। इनमें से पहले प्लांट ने कल से कमर्शियल उत्पादन शुरू कर दिया है और दूसरा प्लांट भी बहुत जल्द काम शुरू कर देगा।
मंत्री ने कहा कि सेमीकॉन 2.0 पिछले चरण से काफी अलग होगा। अब सरकार चाहती है कि भारतीय स्टार्टअप्स दुनिया की दिग्गज कंपनियों जैसे क्वालकॉम, ब्रॉडकॉम और एनवीडिया की तरह पहचान बनाएं। उन्होंने स्वीकार किया कि यह सफर चुनौतीपूर्ण है, लेकिन सरकार इसके लिए पूरी तरह तैयार और व्यावहारिक है।
