प्रयागराज। बुधवार को इलाहाबाद उच्च न्यायालय के अधिवक्ता चैम्बर आवंटन की प्रक्रिया का व्यापक स्तर पर विरोध अधिवक्ताओं द्वारा बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष किया गया।
अधिवक्ता साथियों को संबोधित करते हुए हरदेव सिंह ने कहा कि अधिवक्ता चैम्बर आवंटन में बड़ी लापरवाही बरती जा रही है जो अधिवक्ता अभी तक वोट देने के लायक नहीं हो पाए है बार के कुछ लोगों द्वारा उनका नाम भी नई लिस्ट में शामिल किया गया है। इस से जो परमानेंट प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ता साथी है उनको इस से वंचित रखा गया है।
अधिवक्ता हरदेव सिंह ने बताया कि उच्च न्यायालय में चेंबर आवंटन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए रजिस्ट्रार जनरल की तरफ़ से ऑनलाइन एओआर डिटेल्स के माध्यम से लिस्ट बनाने की प्रक्रिया प्रारम्भ की गई। इस डिटेल में यह भी मांगा गया कि अगर आप हाई कोर्ट के वोटर हैं तो आपका ओटर नंबर क्या रहा है। चूंकि जो 2022 के पहले हाई कोर्ट में मेंबर नहीं बना था वह 2025 के चुनाव में वोटर नहीं था, इसलिए वह चेंबर आवंटन की प्रक्रिया से बाहर हो गया था। ऐसे में हाईकोर्ट की बड़े अधिवक्ता नेताओं के के बच्चे जो अभी हाईकोर्ट के वोटर नहीं बन पाए थे वह आवंटन प्रक्रिया से बाहर हो रहे थे इसलिए इन बड़े अधिवक्ता नेताओं ने रजिस्ट्रार जनरल की प्रक्रिया को रुकवा दिया और कहा कि जो हाईकोर्ट बार लिस्ट बनाकर देगा उसी के आधार पर चैम्बर एलाट होगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे मे बड़े अधिवक्ता नेता आम अधिवक्ताओं को चेंबर आवंटन की प्रक्रिया से बाहर कर देंगे और अपनी बेटे -बेटियों और पत्नियों के नाम भी चैम्बर एलाट करवा लेंगे जो हाईकोर्ट की वोटर नहीं है। इसलिए आज अधिवक्तागण मांग करते हैं कि आवंटन की प्रक्रिया रजिस्ट्रार जनरल के माध्यम से ही की जाए, अगर ऐसा नहीं होता है तो हम सब एक बडे़ आंदोलन को बाध्य होगे।
प्रदर्शन करने वाले लोगों में हरदेव सिंह, सम्पन्न कुमार श्रीवास्तव, सुरेश पासी, अरुण पटेल, सौरभ पटेल, जीतेश मिश्रा, मोहितोष सिंह, अभिषेक, डी पी सिंह, राजेश शुक्ला, रिषभ प्रजापति, श्रीमती सरिता सहित बहुत सारे अधिवक्तागण मौजूद रहे शामिल थे।
