प्रयागराज। विश्व किडनी दिवस के अवसर पर मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज से संबद्ध स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल में किडनी स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर नेफ्रोलॉजी विभाग की सहायक आचार्य डॉ. सौम्या गुप्ता ने कहा कि उच्च रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) और डायबिटीज किडनी के सबसे बड़े दुश्मन हैं। यदि इन बीमारियों को समय रहते नियंत्रित न किया जाए तो धीरे-धीरे किडनी की कार्यक्षमता कम होने लगती है और कई मामलों में मरीज को डायलिसिस की आवश्यकता तक पड़ सकती है।
डॉ. गुप्ता ने बताया कि किडनी शरीर का अत्यंत महत्वपूर्ण अंग है, जो रक्त को शुद्ध करने, शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने तथा शरीर में तरल और खनिजों के संतुलन को बनाए रखने का कार्य करती है। उन्होंने कहा कि स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय में बड़ी संख्या में किडनी से संबंधित रोगियों का उपचार किया जाता है तथा जरूरतमंद मरीजों को डायलिसिस सहित आधुनिक उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
उन्होंने बताया कि सामान्य व्यक्ति की दोनों किडनियों का कुल वजन लगभग 250–300 ग्राम होता है। किडनी प्रतिदिन लगभग 180 लीटर रक्त को फिल्टर करती है।
भारत में अनुमानत हर 10 में से 1 व्यक्ति किसी न किसी स्तर पर क्रॉनिक किडनी डिजीज से प्रभावित है। लगभग 60 प्रतिशत किडनी रोगों का कारण डायबिटीज और उच्च रक्तचाप होता है।
किडनी को स्वस्थ रखने के लिए सलाह
डॉ. सौम्या गुप्ता ने बताया कि ब्लड प्रेशर और शुगर की नियमित जांच कराएं। नमक और जंक फूड का सेवन कम करें। पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। बिना चिकित्सकीय सलाह के दर्द निवारक दवाइयों का अधिक उपयोग न करें। नियमित व्यायाम और संतुलित जीवनशैली अपनाएं।
डॉ. सौम्या गुप्ता ने आम जनता से अपील की कि किडनी को स्वस्थ रखने के लिए नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और संतुलित जीवनशैली को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।
