गोरखपुर। भारतीय रेल में ट्रेनों के सुरक्षित और संरक्षित संचालन को और मजबूत बनाने के लिए स्वदेशी कवच सिस्टम को तेजी से लागू किया जा रहा है। इसी क्रम में पूर्वोत्तर रेलवे में भी रेल संरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए बड़े पैमाने पर कवच प्रणाली स्थापित की जा रही है।
पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह के अनुसार स्वदेशी तकनीक से विकसित स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली (एटीपी) कवच को पूर्वोत्तर रेलवे के 1441 रूट किलोमीटर रेलमार्ग पर लगाने के लिए रेल मंत्रालय द्वारा 492.21 करोड़ रुपये की लागत से पहले ही स्वीकृति दी जा चुकी है।
कवच सिस्टम अत्याधुनिक और जटिल तकनीक पर आधारित है, जिसमें ऑप्टिकल फाइबर केबल, टेलीकॉम टावर, स्टेशन डेटा सेंटर, ट्रैक साइड इक्विपमेंट और ऑनबोर्ड लोकोमोटिव सिस्टम जैसे पांच प्रमुख सबसिस्टम शामिल होते हैं। इसके दो मुख्य घटक होते हैं। पहला ऑन बोर्ड इक्विपमेंट (लोको कवच), जिसमें वाइटल कंप्यूटर, ब्रेक इंटरफेस यूनिट, लोको पायलट मशीन इंटरफेस, आरएफआईडी रीडर, पल्स जेनरेटर और रेडियो एंटीना लगाए जाते हैं।
दूसरा घटक ट्रैक साइड सिस्टम होता है, जिसमें स्टेशन मास्टर ऑपरेशन कम इंडिकेशन पैनल, कंक्रीट स्लीपरों पर आरएफआईडी टैग तथा लगभग 40 मीटर ऊंचे टावर और एंटीना लगाए जाते हैं। प्रत्येक एक किलोमीटर पर दो आरएफआईडी टैग लगाए जाते हैं, जबकि स्टेशन यार्ड में प्रत्येक सिग्नल के लिए अलग आरएफआईडी टैग स्थापित किया जाता है।
पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ, वाराणसी और इज्जतनगर मंडल के कई महत्वपूर्ण रेलखंडों पर कवच प्रणाली लगाने की स्वीकृति दी गई है। लखनऊ मंडल में लखनऊ जंक्शन–मानक नगर, लखनऊ जंक्शन–मल्हौर, बाराबंकी जंक्शन–बुढ़वल जंक्शन, सीतापुर सिटी–बुढ़वल जंक्शन तथा बुढ़वल जंक्शन–गोरखपुर कैंट खंड शामिल हैं। वहीं वाराणसी मंडल में गोरखपुर कैंट–गोल्डिनगंज, गोरखपुर कैंट–वाल्मीकिनगर रोड, भटनी जंक्शन–वाराणसी जंक्शन, वाराणसी जंक्शन–प्रयागराज जंक्शन तथा औंड़िहार जंक्शन–छपरा जंक्शन रेलखंडों पर यह प्रणाली लगाई जाएगी। इसके अलावा इज्जतनगर मंडल में रावतपुर–फर्रूखाबाद जंक्शन, फर्रूखाबाद जंक्शन–कासगंज जंक्शन तथा कासगंज जंक्शन–मथुरा जंक्शन खंड भी इसमें शामिल हैं।
प्रथम चरण में पूर्वोत्तर रेलवे के 551 रूट किलोमीटर प्रमुख रेलमार्गों पर कवच सिस्टम लगाया जाएगा। इसके अंतर्गत लखनऊ मंडल के सीतापुर सिटी–बुढ़वल जंक्शन, बुढ़वल जंक्शन–गोरखपुर कैंट, मानक नगर–लखनऊ जंक्शन–मल्हौर तथा बाराबंकी–बुढ़वल खंड और वाराणसी मंडल के गोरखपुर कैंट–गोल्डिनगंज रेलखंड को शामिल किया गया है।
इन रेलखंडों पर कुल 108 टावर स्थापित किए जाएंगे, जिनके लिए सर्वे का कार्य पूरा हो चुका है। वर्तमान में छपरा–बाराबंकी मुख्य मार्ग पर टावर लगाने का कार्य प्रगति पर है, जबकि गोरखपुर–बस्ती रेलखंड में अब तक 20 टावर स्थापित किए जा चुके हैं।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार कवच प्रणाली लागू होने से ट्रेनों के संचालन में सुरक्षा का स्तर और अधिक मजबूत होगा तथा संभावित दुर्घटनाओं की संभावना को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
