👉 पहले आओ-पहले पाओ व्यवस्था खत्म, पारदर्शिता के लिए नई प्रणाली लागू
बस्ती। जनपद के पंजीकृत किसानों के लिए खरीफ 2026 सीजन में बीज वितरण की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। अब ‘पहले आओ, पहले पाओ’ की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है और इसके स्थान पर ऑनलाइन बुकिंग के आधार पर ई-लॉटरी प्रणाली लागू की गई है।
यह जानकारी उप कृषि निदेशक अशोक कुमार गौतम ने दी। उन्होंने बताया कि लाभार्थियों का चयन जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समिति द्वारा ई-लॉटरी के माध्यम से पारदर्शी तरीके से किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इच्छुक किसान खरीफसीजन के तहत विभिन्न योजनाओं में उपलब्ध बीज—जैसे ढैंचा, धान, अरहर, उड़द, मूंग, श्री अन्न (मिलेट्स) में ज्वार, बाजरा, सांवा, कोदो, रागी, दलहनी मिनीकिट (उड़द, अरहर, मूंग) तथा तिलहनी मिनीकिट (तिल) और संकर बीज (संकर धान, संकर ज्वार)—का लाभ लेने के लिए विभागीय वेबसाइट “कृषि दर्शन-1 पोर्टल” (https://agriculture.up.gov.in) पर अनिवार्य रूप से ऑनलाइन आवेदन/बुकिंग करें।
किसान स्वयं या जनसेवा केंद्र के माध्यम से अपनी पसंद के बीज की बुकिंग कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 10 मई 2026 निर्धारित की गई है। इसके बाद प्राप्त आवेदनों पर कोई विचार नहीं किया जाएगा।
पात्रता के संबंध में उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल कृषि विभाग के पोर्टल पर पंजीकृत किसान ही बीज के लिए आवेदन कर सकते हैं। पंजीकृत किसान अपनी आवश्यकता के अनुसार प्रमाणित बीज, मिनीकिट बीज और संकर बीज की बुकिंग कर सकेंगे।उन्होंने बताया कि यदि निर्धारित लक्ष्य से अधिक आवेदन प्राप्त होते हैं, तो लाभार्थियों का चयन ई-लॉटरी के माध्यम से निष्पक्ष रूप से किया जाएगा। चयनित किसानों को उनके विकास खंड के राजकीय कृषि बीज भंडार से पॉस मशीन पर अंगूठा लगाकर मिनीकिट बीज निःशुल्क वितरित किए जाएंगे, जबकि सामान्य बीज अनुदानित दर पर किसान अंश जमा कर प्राप्त कर सकेंगे।
यह व्यवस्था सामान्य बीज और मिनीकिट बीज दोनों पर लागू होगी। अधिक जानकारी के लिए किसान उप कृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी, विकास खंड स्थित राजकीय बीज भंडार या कृषि विभाग के क्षेत्रीय कर्मचारियों से संपर्क कर सकते हैं।
