रिपोर्ट: राहुल मिश्रा।
मिश्रिख/सीतापुर। मिश्रिख नगर क्षेत्र में फागिंग न कराए जाने से मच्छरों का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा गहरा गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि होली परिक्रमा मेले के बाद से अब तक नगर पालिका की ओर से दवा का छिड़काव नहीं कराया गया है।
नगर के विभिन्न वार्डों में गंदगी और जलभराव के कारण मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसके बावजूद फागिंग व्यवस्था पूरी तरह ठप है। नागरिकों का आरोप है कि कई बार नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को इस संबंध में अवगत कराया गया, लेकिन शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया।
लोगों का यह भी कहना है कि सरकार द्वारा नगर पालिका को करोड़ों रुपये स्वच्छता और जनस्वास्थ्य के लिए दिए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कार्य नहीं दिखता। आरोप है कि बजट का दुरुपयोग हो रहा है और बंदरबांट की स्थिति बनी हुई है, जिससे आम जनता परेशान है।
कुछ नागरिकों ने नगर पालिका से जुड़े कर्मचारियों और बाबुओं पर भी भ्रष्टाचार व कमीशनखोरी के आरोप लगाए हैं। आरोप है कि राजेश कुमार नामक बाबू की कार्यशैली को लेकर क्षेत्र में चर्चाएं हैं। वहीं, उप जिलाधिकारी अनुभव यादव पर भी ध्यान न देने के आरोप लगाए जा रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
उनका कहना है कि यदि जिलाधिकारी द्वारा जमीनी स्तर पर निष्पक्ष जांच कराई जाए तो वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।
नागरिकों ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारियों द्वारा मामले पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है, जिससे स्थिति और बिगड़ती जा रही है। नगर के कई वार्डों में मच्छरों का आतंक बना हुआ है और लोग बीमारियों की आशंका से भयभीत हैं।
नगरवासियों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल फागिंग, साफ-सफाई और दवा छिड़काव की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए तथा दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। फिलहाल क्षेत्र की जनता प्रशासन की ठोस कार्रवाई का इंतजार कर रही है।
