रिपोर्ट : राहुल मिश्रा।
सीतापुर। जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर. ने शिविर कार्यालय में समस्त क्रय एजेंसियों की गेहूं खरीद प्रगति की समीक्षा बैठक की। बैठक में खरीद की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए।
जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने जानकारी दी कि जनपद में खाद्य विभाग के 21, पीसीएफ के 59, पीसीयू के 47, यूपीएसएस के 14, मंडी समिति के 3 तथा भारतीय खाद्य निगम के 9 सहित कुल 153 क्रय केंद्र संचालित हैं। 23 अप्रैल 2026 तक 686 किसानों से 4220.08 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई, जो लक्ष्य का मात्र 5.63 प्रतिशत है। अप्रैल माह के लिए जनपद को 20 हजार मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य दिया गया है।
एजेंसीवार समीक्षा में प्रगति संतोषजनक न पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। खाद्य विभाग की विपणन शाखा में 10500 मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष केवल 1569.20 मीट्रिक टन (लगभग 15 प्रतिशत) खरीद हुई है। महोली और बिसवां क्षेत्रों में खराब प्रगति पर संबंधित केंद्र प्रभारियों का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए।
इसी प्रकार पीसीएफ द्वारा 36900 मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 2.89 प्रतिशत, पीसीयू द्वारा 6.38 प्रतिशत, यूपीएसएस द्वारा 4.03 प्रतिशत, मंडी समिति द्वारा 5.09 प्रतिशत तथा भारतीय खाद्य निगम द्वारा 4.18 प्रतिशत खरीद की गई है। कम प्रगति पर संबंधित जिला प्रबंधकों को कड़ी फटकार लगाई गई।
बैठक में यह भी सामने आया कि कई केंद्रों पर हैंडलिंग और परिवहन ठेकेदारों ने अभी तक कार्य शुरू नहीं किया है, जिससे खरीद प्रभावित हो रही है। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि 24 घंटे के भीतर कार्य शुरू न होने पर संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ठेका निरस्त किया जाए।
इसके अलावा, उचित दर विक्रेताओं से खाली बोरे उपलब्ध कराकर क्रय केंद्रों पर किसी प्रकार की कमी न होने देने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने सभी एजेंसियों को दैनिक लक्ष्य के अनुरूप खरीद बढ़ाने और व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए।
