•20 वर्ष पुराने मामले में आयोग ने दिया आदेश।
बस्ती। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने विद्युत विभाग की लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया है। आयोग के अध्यक्ष अमरजीत वर्मा द्वारा जारी आदेश में पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम, वाराणसी के मैनेजिंग डायरेक्टर को निर्देश दिया गया है कि इजरा वाद संख्या 88/2025 (वाहिद अली सिद्दीकी बनाम अधीक्षण अभियन्ता विद्युत वितरण खण्ड एवं मण्डल बस्ती) का तत्काल अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए। मामले की पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ता कृष्ण कुमार उपाध्याय ने किया।
आयोग ने बताया कि संबंधित मामला परिवाद संख्या 347/2000 से जुड़ा है, जिसका निर्णय 19 फरवरी 2003 को ही हो चुका था, लेकिन 20 वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी विद्युत विभाग द्वारा आदेश का पालन नहीं किया गया। आयोग ने इसे अत्यंत गंभीर और आपत्तिजनक माना है।
आरोप है कि अधीक्षण अभियन्ता, अधिशाषी अभियन्ता और सहायक अभियन्ता तीनों स्तर के अधिकारी जानबूझकर मामले में रुचि नहीं ले रहे हैं और न ही कोई रिपोर्ट प्रस्तुत कर रहे हैं।आयोग ने 22 अप्रैल 2026 के अपने आदेश में स्पष्ट निर्देश दिया है कि यदि 22 मई 2026 तक मामले का अनुपालन या प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की जाती है, तो संबंधित अधिकारियों अधीक्षण अभियन्ता खालिद सिद्दीकी, अधिशाषी अभियन्ता शुभम पाण्डेय और सहायक अभियन्ता प्रभाकर कुमार का वेतन रोक दिया जाए।
इस प्रकरण की प्रतिलिपि उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड, मण्डलायुक्त बस्ती और जिलाधिकारी बस्ती को भी अग्रिम कार्यवाही हेतु भेजी गई है।आयोग के इस कड़े रुख से विभागीय अधिकारियों में हड़कंप मच गया है और अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि निर्धारित समयसीमा के भीतर क्या कार्रवाई की जाती है।
