लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा गिद्ध पार्टी की तरह व्यवहार कर रही है और हर घटना को जातीय दृष्टिकोण से देखने की कोशिश करती है। उन्होंने कहा कि भाजपा की सोच नकारात्मक है और वह लगातार झूठ बोलकर जनता को भ्रमित करने का काम कर रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा संविधान विरोधी मानसिकता के साथ काम कर रही है और आधी आबादी से भी झूठ बोलने में लगी हुई है।
समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक लोकसभा से पारित होकर अधिसूचित हो चुका है, लेकिन भाजपा इसे सही ढंग से लागू करने के बजाय भ्रम फैलाने का काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि भाजपा महिलाओं को वास्तविक आरक्षण देना नहीं चाहती और केवल प्रचार के माध्यम से जनता को गुमराह कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा महिला विरोधी और किसान विरोधी नीतियों पर काम कर रही है तथा सरकार के पास नहरों में पानी उपलब्ध कराने और किसानों की समस्याओं का समाधान करने का समय नहीं है।
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार के खिलाफ सबसे प्रभावी लड़ाई गरीब और किसान ही लड़ सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता का दुरुपयोग कर सरकारी जांच एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एजेंसियों के माध्यम से दबाव डालकर और लालच देकर अन्य राजनीतिक दलों को तोड़ने की कोशिश की जा रही है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए ठीक नहीं है।
उन्होंने गाजीपुर की एक घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि एक गरीब परिवार की बेटी की मृत्यु के बाद भाजपा से जुड़े लोग उस परिवार पर दबाव और लालच देने का प्रयास कर रहे हैं तथा उनके घर पर पुलिस बैठाकर भय का वातावरण बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा पीड़ितों और जरूरतमंदों के साथ खड़ी रहती है और हर दुःख-दर्द में लोगों की सहायता करती है।
अखिलेश यादव ने कहा कि किसी भी बड़ी घटना या दुर्घटना के समय समाजवादी पार्टी सबसे पहले पीड़ित परिवारों की मदद के लिए आगे आती है। उन्होंने कोरोना काल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय बड़ी संख्या में मजदूरों की जान गई, लेकिन भाजपा सरकार ने उनकी सहायता के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता मजदूरों के घर-घर पहुंचे और प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की। उन्होंने मथुरा और हाथरस की घटनाओं का भी उल्लेख करते हुए कहा कि उन मामलों में भी समाजवादी पार्टी ने पीड़ित परिवारों की मदद की।
अखिलेश यादव ने कहा कि राष्ट्रीय अपराध अभिलेख ब्यूरो के आंकड़े बताते हैं कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में महिलाएं और बेटियां सबसे अधिक असुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के साथ अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जो सरकार की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार को महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए, लेकिन इसके बजाय वह केवल प्रचार में व्यस्त है।
एक प्रश्न के उत्तर में अखिलेश यादव ने पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को सावधान रहने की सलाह देते हुए कहा कि केवल सर्वेक्षण के आधार पर चुनाव नहीं जीते जाते। उन्होंने कहा कि चुनाव तक अनेक सर्वे सामने आएंगे, लेकिन यह स्पष्ट नहीं होता कि उन्हें कौन करवा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि चुनाव जीतने का सबसे मजबूत आधार बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की मेहनत होती है और यही मेहनत पार्टी को सफलता दिलाएगी।
उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव 2027 में समाजवादी पार्टी ऐतिहासिक जीत दर्ज करेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी के पीडीए प्रभारियों ने भाजपा की कथित अनियमितताओं को उजागर किया है और जनता के सामने भाजपा की वास्तविकता को रखा है।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में आलू किसान सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के पास आलू किसानों के लिए कोई ठोस योजना नहीं है और अब तक सरकार ने किसानों का आलू खरीदने की कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं की है।
उन्होंने कहा कि किसानों को किसी प्रकार की सहायता नहीं दी जा रही है और भाजपा सरकार बार-बार झूठे दावे कर रही है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं।
